पश्चिम बंगाल में नहीं थम रही वक्फ बिल के विरोध में शुरू हुई हिंसा

राष्ट्रीय जनमोर्चा संवाददाता
पश्चिम बंगाल के मुर्शिदाबाद जिले में संशोधन कानून के खिलाफ भड़की हिंसा में सैकड़ों लोग प्रभावित हुए हैं। करीब 500 लोगों ने भागीरथी नदी पार कर मालदा में शरण ली है। उपद्रवियों ने पुलिस वैन समेत कई वाहनों में आग लगा दी। सुरक्षा बलों पर पथराव किया और सड़कें जाम कर दी। तीन लोगों की मौत भी हुई है और काफी लोग घायल हुए हैं। ताजा घटना के अनुसार, पश्चिम बंगाल पुलिस को BSF की मदद लेनी पड़ी है। दक्षिंण 24 परगना में भी हिंसा भड़कने की खबर है। पुल‍िस वैन में आग लगा दी गई। कई वाहनों में तोड़फोड़ की गई है। पुलिस दंगाइयों से निपटने की कोशिश कर रही है।
मुर्शिदाबाद में सड़कें सुनसान हैं, दुकानें बंद हैं और डरे हुए लोग घरों के अंदर ही कैद रहने को मजबूर हैं। पुलिस और केंद्रीय सशस्त्र बल धूलिया, शमशेरगंज और सुती क्षेत्रों के संवेदनशील इलाकों में गश्त कर रहे हैं। इस बीच हिंसा के बाद सैकड़ों लोगों ने मुर्शिदाबाद जिला छोड़ दिया है। ये वो लोग हैं जिनके घर जला दिये गए हैं। कुछ ऐसे भी हैं, जो जान बचाने के लिए भागीरथी नदी पार कर मालदा में शरण ले रहे हैं। स्थानीय प्रशासन ने दंगा प्रभावित परिवारों के लिए आश्रय और भोजन की व्यवस्था की है और उन्हें स्कूलों में शरण दी है।
मुर्शिदाबाद से पलायन करने वाली एक युवती ने बताया, ‘हम धुलियान के मंदिरपाड़ा इलाके से इसलिए भागे, क्योंकि हमारे घरों में आग लगा दी गई थी। महिलाओं और लड़कियों के साथ बाहरी लोगों तथा कुछ स्थानीय लोगों के एक समूह ने छेड़छाड़ की थी।’ उस युवती का दावा है कि उपद्रवियों ने बम फेंके, तुरंत घर छोड़ने के लिए कहा, पुरुषों को बहुत मारा-पीटा। बड़ी मुश्किल से केंद्रीय बलों की मदद से वे सभी अपने घरों से भागकर जान बचाई। घर छोड़कर न भागते तो हम मारे जाते।
बीजेपी नेता अमित मालवीय का आरोप है कि जो कभी एक शांत और मनोरम क्षेत्र था, वह अब खून-खराबे और भय के वातावरण में तब्दील हो चुका है। मुख्यमंत्री ममता बनर्जी स्थिति पर काबू नहीं पा रही हैं। राज्य विधानसभा में विपक्ष के नेता शुभेंदु अधिकारी ने दावा किया कि हिंसा के बाद धुलियान से 400 लोग पलायन करने को मजबूर हुए हैं। उन्होंने कहा, ‘मैं जिले में तैनात केंद्रीय अर्धसैनिक बलों, राज्य पुलिस और जिला प्रशासन से आग्रह करता हूं कि वे इस ‘जिहादी आतंक’ से लोगों की रक्षा करें।’

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