राष्ट्रीय जनमोर्चा संवाददाता
पटना। युवा लेखक प्रियेश सिंह को उनके द्वारा लिखित पुस्तक युवा परिवेश के लिए कर्मवीर सम्मान से नवाजा गया है। यहां बीआईए सभागार में स्वतंत्रता सेनानी आचार्य इन्दिरा रमण शास्त्री एवं आचार्य परशुराम शास्त्री की स्मृति में ‘स्वरांजलि सह अभिनंदन समारोह’ का आयोजन किया गया। जिसमें प्रियेश सिंह को सम्मानित किया गया। कार्यक्रम की अध्यक्षता बीएन कॉलेज पटना के संस्कृत विभागाध्यक्ष प्रो . (डॉ) लक्ष्मी नारायण सिंह ने किया।
समारोह का शुभारंभ बिहार विधान परिषद् सदस्य डॉ . कुमुद वर्मा ने दीप प्रज्ज्वलित कर की। इस अवसर पर उन्होंने कहा कि विरासत की याद भविष्य का मजबूत आधार है। बिहार का अतीत गौरवशाली रहा है, वर्तमान सर्व साधन सम्पन्नता की ओर बढ़ रहा है तो भविष्य उज्ज्वल होने से वंचित नहीं रह सकता। बिहार के जिन सपूतों ने देश को स्वतंत्र करने में अपनी प्राणों की आहूति दी वो सभी नमन के पात्र हैं।
समारोह के मुख्य अतिथि एवं बिहार राज्य धार्मिक न्यास पर्षद के अध्यक्ष अखिलेश कुमार जैन ने अपने संबोधन में कहा कि भारत की स्वतंत्रता में आचार्य इन्दिरा रमण शास्त्री के योगदान को कभी भुलाया नहीं जा सकता। वे विलक्षण प्रतिभा के धनी थे। समारोह में बिहार धार्मिक न्यास पर्षद के नवमनोनीत अध्यक्ष एवं उपस्थित सदस्यों का अभिनंदन किया गया। सम्मान स्वरूप उन्हें सम्मान पत्र , स्मृति चिह्न एवं अंगवस्त्र प्रदान किया गया। साथ ही समाज में विशिष्ट पहचान बना चुके विभिन्न क्षेत्र के 10 लोगों को ‘कर्मवीर सम्मान -2021’ से नवाजा गया, जिनमें साहित्य के क्षेत्र से प्रियेश सिंह, फिल्मकार कृष्णाजी शर्मा, इतिहासकार डॉ . एम . रहमान, अभिनेत्री ज्योति पाण्डेय, अभिनेता कार्तिकेय उर्फ खजूर, बाल कलाकार लाडो बानी पटेल, समाजसेवी रागिनी पटेल, शिक्षक सुरेश कुमार, शिक्षासेवी डॉ . कृष्ण कुमार एवं समाजसेवी डॉ . शशि कुमार सिंह शामिल रहे।


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