मोदीजी जिसके पिता के पैर छूते हैं, उसकी बहन को कब मिलेगा न्याय

जितेन्द्र बच्चन
वाराणसी। प्रख्यात ठुमरी गायक और प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के चुनाव प्रस्तावक पद्म वि‍भूषण पंडि‍त छन्नू लाल मि‍श्र की बड़ी बेटी संगीता मि‍श्र की वाराणसी के एक नि‍जी अस्पताल में मौत हो गई। उसके बाद यह अस्पताल आरोपों के घेरे में आ गया है। संगीता की छोटी बहन नम्रता ने कई संगीन इल्जाम लगाते हुए संबंधित डॉक्टर के खिलाफ हत्या का मामला दर्ज करने की थाने में तहरीर दी है। साथ ही उन्होंने प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी से कहा है- ‘आप हमारे पिता के पैर छूते हैं। मैं आपसे न्याय की गुहार करती हूं।’ इसके बाद जहां वाराणसी के डीएम ने तीन सदस्यीय कमेटी बनाकर घटना की जांच शुरू करा दी है, वहीं सोमवार, 3 मई को डीसीपी (काशी) ने सहायक पुलिस आयुक्त (कोतवाली) प्रवीण सिंह को इस मामले की जांच एवं आवश्यक कार्रवाई के लिए मौके पर भेजा है।
उल्लेखनीय है कि पिछले महीने 26 अप्रैल को पद्म वि‍भूषण छन्नूलाल मि‍श्र की पत्नी का एक नि‍जी अस्पताल में निधन हो गया था। इसके बाद ही 29 अप्रैल की देर रात श्री मि‍श्र की बड़ी बेटी संगीता मि‍श्र का भी इलाज के दौरान एक नि‍जी अस्प‍ताल में निधन हो गया। ये घटनाएं वज्रपात जैसी थीं। परि‍वार पर मातम छा गया। सोमवार दोपहर पद्म विभूषण छन्नू लाल मि‍श्र की छोटी बेटी नम्रता मि‍श्र वाराणसी स्थित उस अस्प‍ताल में पहुंच गईं, जहां उनकी बहन संगीता भर्ती थीं। उन्होंने इस मामले को लेकर जमकर हंगामा कि‍या। उसके बाद मीडिया के सामने डॉक्टरों पर बड़ी बहन संगीता की हत्या का आरोप लगाया। साथ ही इस संबंध में थाना कोतवाली जाकर एक तहरीर भी दी।
मामला चूंकि‍ पद्म वि‍भूषण छन्नूं लाल मि‍श्र से जुड़ा है, इसलिए वाराणसी से लेकर दि‍ल्ली तक के अधि‍कारि‍यों में हड़कंप मच गया। डीएम कौशल राज शर्मा ने आनन-फानन में पूरे मामले पर तीन वरि‍ष्ठ चि‍कि‍त्सकों की एक जांच कमेटी गठित कर रि‍पोर्ट तलब की है। ये जांच कमेटी संगीता मि‍श्र की मौत से जुड़े सभी तथ्यों को जांचने के बाद अपनी रि‍पोर्ट जि‍लाधि‍कारी को सौंपेगी। वहीं पुलि‍स कमि‍श्नपर (वाराणसी) ए. सतीश गणेश ने भी ‘राष्ट्रीय जनमोर्चा’ को बताया है कि उन्होंने इस मामले की जांच के आदेश दि‍ए हैं।

प्राइवेट अस्पतालों में कोरोना के इलाज के नाम पर लूट
देश के प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी का संसदीय क्षेत्र है काशी लेकिन यहां के लोगों का कहना है कि स्थानीय निजी अस्पतालों में कोरोना महामारी के इलाज के नाम पर लूट मची है। लाखों रुपये लेने के बाद भी सही इलाज नहीं मिल रहा है। पद्मविभूषण पंडित छन्नू लाल मिश्र की बेटी नम्रता का भी आरोप है कि मेडविन हॉस्पिटल में लापरवाही का आलम है। उन्होंने अपनी बहन की मौत पर अस्पताल में जमकर हंगामा काटा। डाक्टरों से इलाज का सीसीटीवी फुटेज मांगी तो अस्पताल प्रबंधन के लोग फरार हो गए। संगीता मिश्रा के अन्य परिजनों ने भी अस्पताल प्रशासन पर लापरवाही का आरोप लगाते हुए मेडविन हॉस्पिटल के डॉक्टर पर हत्या का आरोप लगाते हुए कोतवाली थाने में तहरीर दी है।

नम्रता मिश्रा का कहना है उनकी बड़ी बहन संगीता मिश्रा को उल्टी और बुखार की शिकायत हो रही थी, उसके बाद उन्हें मेडविन हॉस्पिटल ले जाया गया। पहले तो अस्पताल ने उन्हें एडमिट करने से मना कर दिया। बाद में जिलाधिकारी के फोन करने पर भर्ती किया। इसके बाद तीन-चार दिन उन्हें संगीता से मिलने नहीं दिया गया। नम्रता मिश्रा के अनुसार उनकी माता के देहांत के बाद प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी का फोन आया तो पंडित छन्नू लाल मिश्रा ने आपबीती बताई और अपनी बेटी को एक बार देखने की गुजारिश की। उसके बाद वाराणसी जिलाधिकारी के कहने पर 28 अप्रैल को उनकी बेटी से रात 9 बजे कॉन्फ्रेंस कॉल कराई गई। जिसमें वह बेड पर बैठी हुई दिख रही थीं। अगले रोज 29 अप्रैल को अस्पताल से फोन आया कि संगीता की तबीयत बिगड़ रही है। परिजन अस्पताल पहुंचे तो उन्हें बताया कि बीएचयू से दो डॉक्टर आ रहे हैं। वही अब संगीता को देखेंगे लेकिन रात 2:30 बजे उनकी मौत हो गई।
अस्पताल का कहना था कि संगीता की मौत का कारण अटैक था, लेकिन नम्रता मिश्रा का आरोप है कि अस्पताल ने पहले डेढ़ लाख रुपये इलाज के नाम पर ले लिए। उसके बाद चार लाख रुपये की और मांग की। नम्रता का कहना है, डॉक्टर ने मेरी बहन की हत्या की है। हमने इस पूरे मामले की अस्पताल प्रशासन से छह दिन का सीसीटीवी फुटेज मांगा, लेकिन उन्होंने नहीं दिया। थाना कोतवाली पुलिस को तहरीर दी है। साथ ही आदरणीय प्रधानमंत्री से अपील की है कि उनकी बहन की मौत को न्याय दिलाया जाए। ऐसे में बड़ा सवाल यह है कि जब प्रधानमंत्री के संसदीय क्षेत्र के अस्पतालों का यह हाल है तो प्रदेश के बाकी के अस्पतालों की क्या व्यवस्था होगी?

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