राष्ट्रीय जनमोर्चा ब्यूरो
– ड्रोन, सीसीटीवी व सोशल मीडिया के माध्यम से भी रखी जा रही निगरानी
लखनऊ। योगी सरकार ने सावन माह में शिवभक्तों की आस्था के प्रतीक कांवड़ यात्रा को लेकर वृहद स्तर पर व्यवस्था की हैं। सीएम योगी आदित्यनाथ के निर्देश पर इस बार खासकर महिला श्रद्धालुओं की सुरक्षा को सर्वोच्च प्राथमिकता देते हुए कांवड़ यात्रा रूट पर 10 हजार से अधिक महिला पुलिसकर्मियों की तैनाती की गई है। जबकि पुलिस विभाग की ओर से प्रदेशभर में कांवड़ यात्रा के लिए 66 हजार से अधिक पुलिसकर्मी तैनात हैं।
उल्लेखनीय है कि इस बार उत्तर प्रदेश समेत विभिन्न राज्यों से करीब छह करोड़ श्रद्धालु कांवड़ यात्रा में शामिल हो सकते हैं, जिसमें 60 से 70 लाख महिला श्रद्धालुओं के होने की उम्मीद है। इसके मद्देनजर सीएम योगी ने अधिकारियों को महिला केंद्रित सुरक्षा मॉडल लागू करने के निर्देश दिये थे। उसी के तहत 10 हजार से अधिक महिला पुलिसकर्मियों की तैनाती की गयी है। इसमें 8,541 महिला मुख्य आरक्षी और 1,486 महिला उप-निरीक्षक शामिल हैं।
इसके अलावा महिला श्रद्धालुओं की सुविधा के लिए हेल्प डेस्क पर महिला कांस्टेबल मौजूद रहेंगी। ये सभी सहायता करेंगी। साथ ही कई जिलों में महिला स्वयंसेवी संगठनों की मदद से शक्ति हेल्प बूथ की भी स्थापना की जा रही है। वहीं सीएम के निर्देश पर प्रदेश की सभी क्यूआरटी (क्यूक रिस्पांस टीम) में महिला पुलिसकर्मियों की उपस्थिति अनिवार्य की गई है।
मेरठ जोन में सबसे अधिक व्यवस्था :
कांवड़ यात्रा के मद्देनजर प्रदेश में 11 जोन में बनाए गए विशेष कंट्रोल रूम और 24×7 हेल्पलाइन नंबरों को भी महिला पुलिस कर्मियों के माध्यम से मॉनीटर किया जा रहा है। इन जोन में महिला श्रद्धालुओं के लिए 150 से अधिक हेल्प डेस्क भी स्थापित हैं। कांवड़ यात्रा के प्रमुख मार्गों में से मेरठ जोन में सबसे अधिक व्यवस्था की गई है। यहां 3,200 महिला पुलिसकर्मियों की ड्यूटी लगाई गई है। ऐसे में मेरठ, मुजफ्फरनगर, बागपत, हापुड़ और गाजियाबाद जिलों में जगह-जगह महिला पुलिसकर्मी महिला श्रद्धालुओं की मदद के लिए तैनात की गयी हैं।


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