राष्ट्रीय जनमोर्चा ब्यूरो
गाजियाबाद। ऑल इण्डिया कायस्थ काउंसिल ने 2 अक्टूबर को कर्मठ, ईमानदार और बहुमुखी प्रतिभा के धनी भारत रत्न लाल बहादुर शास्त्री की जयंती मनाई। उनकी तस्वीर पर फूल-माला अर्पित किया। इस अवसर पर संगठन के राष्ट्रीय अध्यक्ष जितेन्द्र बच्चन ने कहा कि कायस्थों के गौरव और देश की शान कहे जाने वाले देश के द्वितीय प्रधानमंत्री शास्त्री जी का जीवन बहुत ही संघर्षपूर्ण रहा। शास्त्री की उपाधि लेने के बाद उन्होंने रेलवे में नौकरी की। गांधी जी के साथ कई आंदोलनों में भाग लिया, जेल भी गए और ‘मरो नहीं मारो’ का नारा देकर देश में एक अलग उत्साह और क्रांति पैदा की। शास्त्री जी एक शख्शियत ही नहीं बल्कि एक सोच हैं।
शनिवार को इंदिरापुरम, शक्ति खंड-4 स्थित माई वर्ल्ड प्री-स्कूल में आयोजित कार्यक्रम की अध्यक्षता संगठन के राष्ट्रीय अध्यक्ष व वरिष्ठ पत्रकार जितेन्द्र बच्चन ने की। उन्होंने कहा कि शास्त्री जी का जीवन हर किसी के लिए बहुत ही प्रेरणादायक है। हमे उनके व्यक्तित्व और मूल्यों को आत्मसात करने की कोशिश करनी चाहिए और भावी पीढ़ी को भी शास्त्री जी के योगदान को स्मरण करके उन्हें नमन करने के लिए हमेशा प्रोत्साहित करना चाहिए।
कार्यक्रम को संगठन के गाजियाबाद अध्यक्ष सुधीर श्रीवास्तव, नोएडा इकाई के अध्यक्ष प्रवीन सक्सेना, वरिष्ठ नागरिक अरुण कुमार और माई वर्ल्ड प्री-स्कूल की संस्थापक व निदेशक स्वीटी अग्रवाल ने भी संबोधित किया। सभी ने शास्त्री जी की सादगीपूर्ण जीवन की तारीफ की और ‘गुदड़ी के लाल’ के योगदान को अपूरणीय बताया। उन्होंने कहा कि शास्त्री जी का अपने देश, यहां के लोगों और किसानों के लिए अगाध प्रेम था। उनका मानना था कि किसानों और जवानों की भूमिका एक देश के लिए बहुत महत्वपूर्ण है, इसकी महत्ता बताने के लिए उन्होंने “जय जवान जय किसान” का नारा दिया।
इस अवसर पर ऑल इण्डिया कायस्थ काउंसिल के राष्ट्रीय सचिव विकास सक्सेना, पूर्वी दिल्ली के अध्यक्ष सुधांशु श्रीवास्तव, गाजियाबाद इकाई के उपाध्यक्ष राजेश श्रीवास्तव, महासचिव नरेन्द्र सक्सेना, संजय श्रीवस्तव, संजीव अग्रवाल आदि उपस्थित रहे।


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