छोटे एवं मझोले समाचार पत्रों को नहीं मिल रही सहायता

ओम प्रकाश चौहान/ राष्ट्रीय जनमोर्चा
गौतमबुद्ध नगर। विश्व प्रेस स्वतंत्रता दिवस के अवसर पर नॉलेज पार्क-2 स्थित जीएनआईओटी तकनीकी संस्थान में भारतीय राष्ट्रीय पत्रकार महासंघ के द्वारा एक संगोष्ठी का आयोजन किया गया। विचार गोष्ठी का विषय था पत्रकारिता की अधिकारिताI कार्यक्रम के मुख्य अतिथि अखिल भारतीय स्वतंत्र लेखक संघ के राष्ट्रीय अध्यक्ष लक्ष्मण सिंह स्वतंत्र थे। विशिष्ट अतिथि जीएनआईओटी के निदेशक धीरज गुप्ता कार्यक्रम में मौजूद रहे। आनंद सेवा समिति गाजियाबाद की अध्यक्ष ममता सिंह ने गोष्ठी को संबोधित करते हुए कहा कि सही बात कहने का हमेशा साहस करना चाहिए। पत्रकारिता देश का चौथा स्तंभ होने के बावजूद आज पत्रकारों को वह सम्मान नहीं मिल रहा है, जिसके वे हकदार हैं।
हिन्दी साप्ताहिक समाचार पत्र ग्रेटर नोएडा हैवेल्स के मुख्य संपादक ओम प्रकाश चौहान ने कहा कि एक वक्त था जब छोटे अखबार मालिक और अखबारों का बहुत महत्व था। पत्रकार अपनी कलम से समाज की दिशा और दशा तय करते थे लेकिन आज छोटे एवं मझोले समाचार पत्रों का महत्त्व समाप्त होता जा रहा है। सरकार की तरफ से छोटे अखबारों को कोई सहायता नहीं मिल रही है। गौतमबुद्ध नगर अभिभावक संघ के संरक्षक मनोज कटारिया ने कहा कि पत्रकार अपनी कलम से समाज में व्याप्त बुराइयों के लिए संघर्ष करते हैं। अपनी लेखनी से समाज के मुद्दों को उठाते हैं।
किसान नेता अजीत ढोला ने गोष्ठी को संबोधित करते हुए कहा कि किसानों, मजदूरों व गरीब तबके की आवाज उठाने वाले पत्रकारों का धन्यवाद देता हूं। क्योंकि पत्रकारों की कलम समाज और सरकार के बीच में एक पुल का कार्य करती है। पत्रकार सरकार में जनता के बीच एक सेतु का काम करते हैं। विचार गोष्ठी के मुख्य अतिथि लक्ष्मण सिंह स्वतंत्र ने कहा की ग्रामीण पत्रकार और उनके संगठन संगठित नहीं हैं, इसलिए आज उनका शोषण हो रहा है। हमें संगठित होना होगा और सरकार को ज्ञापन देकर अपने हक के लिए मांग करनी होगी।
गोष्ठी को संबोधित करते हुए संस्थान के डायरेक्टर धीरज गुप्ता ने पत्रकारों का धन्यवाद करते हुए कहा कि आज मुझे बुद्धिजीवियों व पत्रकारों के बीच बैठने का गौरव प्राप्त हुआ। उन्होंने कहा कि देश की राष्ट्रीय मीडिया यदि झूठ बोलता है तो सोशल मीडिया उसे ठीक कर देता है, लेकिन विदेशों में इसका उलट होता है। स्वतंत्र पत्रकार वाईके गोयल ने कहा कि आज पत्रकारिता गुलामी की तरफ बढ़ती जा रही हैI संविधान की धारा 91 (ए) के तहत पत्रकारिता के अधिकार की अभिव्यक्ति की आजादी तो है लेकिन आज स्वतंत्र रूप से अपनी बात नहीं कह सकते, क्योंकि पत्रकारिता में पूंजी वादियों का बोलबाला है। संगोष्ठी में हितेश कौशिक, रूपेश वर्मा, उदयवीर सिंह, कार्यक्रम के आयोजक स्पीड मीडिया न्यूज़ के संपादक हरवीर सिंह, जन प्रश्न साप्ताहिक के संपादक वीरेंद्र मलिक, अकरम चौधरी, संदीप तिवारी के अलावा बड़ी संख्या में समाजसेवी व विभिन्न क्षेत्रों के सदस्य उपस्थित रहे।

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