राष्ट्रीय जनमोर्चा संवाददाता
गाजियाबाद। शिष्य ही गुरु का सम्मान करे ऐसा नहीं है, गुरु को भी आदर्श बनना होगा। गुरु-शिष्य परम्परा पुरातन है और इसे बनाये रखना हमारा कर्तव्य है। वसुंधरा स्थित मेवाड़ इंस्टीट्यूट ऑफ मैनेजमेंट एवं भारतीय शिक्षण मंडल मेरठ प्रांत के संयुक्त रूप से आयोजित व्यासपूजा कार्यक्रम में ये विचार मेवाड़ ग्रुप ऑफ इंस्टीट्यूशंस की निदेशिका डॉ. अलका अग्रवाल ने व्यक्त किये। उन्होंने कहा कि जिन्दगी आसान नहीं है। सरल तरीके से पढ़ना बहुत मुश्किल है। ऐसे में विद्यार्थी आराम का जीवन न जियें, मेहनत करें, संघर्ष करें और गुरु का सम्मान करते हुए सीखने की आदत अपनायें, तभी उनका जीवन देश और राष्ट्र के काम आएगा। उन्होंने एक प्रसंग के माध्यक से भी गुरु की महत्ता पर प्रकाश डाला।
कार्यक्रम में विद्यार्थी वंश, रिया, सिद्धार्थ के अलावा डॉ. आशुतोष मिश्र ने भी अपने विचार, कविता और गुरु के महत्व को विद्यार्थियों के समक्ष रखा। कार्यक्रम में विद्यार्थियों ने अपने शिक्षकों को कलावा बांधा, फूलमालाएं पहनाईं और तिलक लगाकर उनका सम्मान किया। मेवाड़ में ऐसा कार्यक्रम पहली बार आयोजित हुआ, जिसका सफल संचालन नंदिता शर्मा ने किया। इस अवसर पर मेवाड़ स्टाफ के सभी सदस्य एवं विद्यार्थी उपस्थित थे।


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