राष्ट्रीय जनमोर्चा संवाददाता
नई दिल्ली। रवींद्र भवन में साहित्य अकादमी द्वारा आयोजित पुस्तकायन 2024 एक साहित्यिक महोत्सव का अद्भुत उदाहरण था। विभिन्न प्रकाशकों ने अपनी अनमोल कृतियों का प्रदर्शन किया, जो साहित्य प्रेमियों के लिए एक यादगार बन गया। इस बीच डॉ. हरविंदर मांकड़ की दो नई पुस्तकें- ‘सफ़रनामा’ और ‘ज़िंदगी यूं ही चलती रहे’ का लोकार्पण किया गया। दोनों पुस्तकों का विमोचन सुप्रसिद्ध कवयित्री और लेखिका डॉ. पूनम मातिया ने किया।
डॉ मातिया ने कहा कि ये पुस्तकें पाठकों के दिलों को छूने में सक्षम हैं और साहित्य के क्षेत्र में नए आयाम स्थापित करेंगी। वहीं आयोजन की सफलता में एडविक पब्लिकेशन के अशोक गुप्ता की भूमिका सराहनीय रही। मंच संचालन डॉ. स्वाति चौधरी ने किया।
अभिनेत्री और लेखिका रोमी शर्मा ने अपनी लेखनी को देश के वीर जवानों को समर्पित बताया और उनके योगदान को रेखांकित किया। युवा लेखक और शिक्षा व बैंकिंग के विशेषज्ञ अर्पित तनेजा ने सामाजिक और आर्थिक विषयों पर अपनी गहरी समझ के साथ सारगर्भित विचार प्रस्तुत किए। कार्यक्रम की अध्यक्षता कर रहीं प्रख्यात लेखिका ऋतु सोनी भगत ने अपने अनुभव साझा किए और साहित्य की महत्ता पर जोर दिया।
डॉ. हरविंदर मांकड़ ने कहा, “किताबें ही जिंदगी हैं। ये हमारी प्रेरणा का स्रोत हैं और जीवन को एक नई दिशा देती हैं। किताबें आज भी हमारी ज़रूरत हैं और भविष्य में भी रहेंगी।” उन्होंने सभी उपस्थित साहित्य प्रेमियों का आभार भी जताया।

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