दंगे में जलाया गया स्कूल, बच्चों का भविष्य अंधकारमय

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सुनील परासर

नई दिल्ली। वजीराबाद के बृजपुरी स्थित विक्टोरिया पब्लिक सीनियर सेकेंड्री स्कूल में दंगो में जलाए गए स्कूल और बच्चों का भविष्य अंधकारमय विषय पर एक कार्यक्रम आयोजित किया गया। प्रबंधक प्रबंधक फ़ारूक़ अहमद नवाब ने कहा, इंसानियत का सबसे वीभत्स रूप तब होता है जब इंसान ही इंसान को मारने से नहीं चूकता और उसके चेहरे पर डर, खौफ और बदले की भावना व अपनों को खोने का डर साफ़ झलकने लगता है। ऐसा ही हुआ कुछ दिन पहले पूर्वी दिल्ली के कुछ इलाकों में जहाँ साम्प्रदायिक दंगे हुए। इन दंगों में लाखों करोड़ों का नुक्सान हुआ और उस सबसे बढ़कर कई लोगों की जान गई। कई लोगों का घर उजड़ गया। इसी के साथ क्षेत्र के स्कूलों पर भी हमला किया गया, जिसमें राजधानी पब्लिक स्कूल भी शामिल है। इस स्कूल में दंगाइयों ने स्कूल की कई गाड़ियां जला दीं, स्कूल की खिड़कियों पर भी पत्थर मारे। यहाँ तक कि पूरा स्कूल तहस-नहस कर दिया और इन सबसे बढ़कर पांच-छह सौ दंगाई स्कूल में घुस गए और उन्होंने इस स्कूल को हथियार बनाकर यहां से पत्थरबाज़ी की।
उन्होंने कहा कि स्कूल को 6 मार्च को सील कर दिया गया है, जबकि 12 मार्च से यहा छठीं कक्षा से 12वीं कक्षा तक की परीक्षा शुरू होनी है। लगभग 1400 बच्चों का भविष्य अंधकार में बना हुआ है। हम क्या करें, किसके पास जाएं, क्योंकि स्कूल सील होने के बाद बच्चों की परीक्षा कैसे ली जाएगी? बच्चों का भविष्य इस समय अंधकार में नज़र आ रहा है। हम उनके माता पिता को क्या जवाब दें, यह भी हमें सूझ नहीं रहा है। इस स्कूल में दोनों समुदाय के बच्चे पढ़ते हैं और शिक्षक भी दोनों ही समुदायों से हैं। यह स्कूल पढ़ाई के मामले में अव्वल है और बेहद लोकप्रिय भी है। आसपास के ज्यादातर माता- पिता इस स्कूल में बच्चों का दाखिला करवाते हैं। सील जैसी परिस्थिति को देखते हुए मां-बाप और अध्यापक दोनों ही परेशान हैं।
स्कूल की वाईस चेयरमैन सदफ फैसल का कहना है कि राजधानी पब्लिक स्कूल के बारे में बहुत सारे भ्रम फैलाने की कोशिश की जा रही है। 24 फरवरी को इस स्कूल की छत से पत्थरबाज़ी की गयी और पेट्रोल बम फेंके गए। जबकि स्कूल प्रबंधक का कहना है कि हमारे स्कूल की छत पर यह सब मिला है, इसमें कोई शक नहीं। लेकिन 24 फरवरी को 2 बजे हमारा स्कूल बंद हो गया था और शाम चार बजे स्कूल के गार्ड राज कुमार और मनोज ने फोन पर बताया कि 500-600 दंगाई स्कूल में घुस आए हैं और तोड़- फोड़ कर रहे हैं। जब स्कूल में दंगाई घुसने लगे तो गार्ड वहां से अपने परिवार को बचा के भागा। इस बीच स्कूल में हमारे स्टाफ में से कोई नहीं था, पूरा स्कूल दंगाइयों के कब्जे में था। उनके लीगल एडवाइज़र आनंद महेशवरी ने कहा कि दोषी तो खुलेआम घूम रहे हैं और निर्दोष लोगों के साथ अन्याय हो रहा है। बच्चों के साथ भी अन्याय हो रहा है, क्योंकि स्कूल में पढ़ रहे बच्चों का हक़ है परीक्षा देना। प्रबंधक और वाइस चेयरमैन सदफ फैसल ने अपील करते हुए प्रशासन, पुलिस से मांग की है कि बच्चों के भविष्य को देखते हुए स्कूल खोल दें।

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