- सुधांशु श्रीवास्तव
नई दिल्ली। पत्रकार हितों की रक्षा के लिए सदैव तत्पर पत्रकार वेलफेयर एसोसिएशन के अध्यक्ष जितेन्द्र बच्चन ने कोरोना महामारी के दौरान जारी लॉकडाउन में कुछ मीडिया संस्थानों द्वारा पत्रकारों की छंटनी और वेतन में कटौती करने वालों के खिलाफ प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी से कार्रवाई करने की मांग की है।
पत्रकार वेलफेयर एसोसिएशन (रजि.) के अध्यक्ष जितेन्द्र बच्चन ने प्रधानमंत्री को लिखे पत्र में कहा है कि राजधानी दिल्ली सहित अन्य राज्यों में प्रिंट और इलेक्ट्रानिक मीडिया संस्थानों में श्रम कानूनों का उल्लंघन करते हुए बड़े स्तर पर छंटनी और वेतन में की जा रही कटौती की तरफ वह उनका ध्यान दिलाना चाहते हैं। ये मीडिया संस्थान कानून का उल्लंघन कर रहे हैं। बच्चन ने कहा है कि आप प्रधानमंत्री द्वारा सभी प्रबंधनों से कर्मचारियों को नौकरी से न निकालने और वेतन देने की अपील के बावजूद यह सब किया जा रहा है। इससे पत्रकारों के परिवारों के सामने विकराल स्थिति पैदा हो गई है।
एसोसिएशन के अध्यक्ष ने कहा है कि कोरोना की इस लड़ाई में डॉक्टरों, स्वास्थ्य कर्मियों और पुलिस के साथ-साथ मीडियाकर्मी भी बड़ी भूमिका निभा रहे हैं। पत्रकार लगातार महामारी के प्रकोप के बचाने के लिए महत्वपूर्ण सूचनाएं जनता तक पहुंचा रहे हैं। तमाम खतरा उठाते हुए पत्रकारों ने सरकार, पुलिस, स्वास्थ्य कर्मचारियों और आम जनता की मदद की है। अपने काम के दौरान कई स्थानों पर मीडियाकर्मी कोरोना से संक्रमित भी हुए हैं। इसके बावजूद अब उनकी नौकरी और तनख्वाह पर तलवार लटक रही है। ऐसे पत्रकार योद्धाओं को पुरस्कृत करने की बजाय उन्हें तिरस्कृत किया जा रहा है।
बच्चन ने कहा है कि हमारी केंद्र और राज्य सरकारों से मांग है कि इस संकट काल में जूझ रहे मीडियाकर्मियों को जीवनयापन के संकट से बचाने के लिए तुरंत कार्रवाई की जाए। साथ ही उन्होंने प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी से अनुरोध किया है कि कोरोना महामारी से सबंधित मामलों की रिपोर्टिंग करने वाले सभी मीडियाकर्मियों को मॉस्क और सेनेटाइजर भी उपलब्ध कराएं जाएं। जो मीडियाकर्मी अस्पताल, क्वारंटाइन सेंटर और महामारी प्रभावित क्षेत्र में काम कर रहे हैं, उन्हें पीपीई किट उपलब्ध कराई जाए। साथ ही सरकार द्वारा घोषित कोरोना योद्धाओं को दिए जाने वाले बीमा कवरेज पत्रकारों के लिए भी लागू किया जाए।


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