भविष्य निधि घोटाला: एपी मिश्र और सुधांशु द्विवेदी के घर ईओडब्ल्यू का छापा

सुधांशु श्रीवास्तव
लखनऊ। आर्थिक अपराध अनुसंधान शाखा (ईओडब्ल्यू) ने भविष्य निधि घोटाले में गुरुवार सुबह लखनऊ जेल में बंद आरोपित पावर कारपोरेशन पूर्व निदेशक एपी मिश्र, पूर्व निदेशक (वित्त) सुधांशु द्विवेदी व सचिव ट्रस्ट पीके गुप्ता को पुलिस कस्टडी रिमांड पर लेकर दिनभर पूछताछ की। इस दौरान एपी मिश्र ने पीके गुप्ता का सामना करने से इन्कार कर दिया। ईओडब्ल्यू ने पीके गुप्ता व सुधांशु द्विवेदी को आमने-सामने बैठाकर करीब आधा घंटा तक भविष्य निधि की रकम को निजी कंपनी में निवेश को लेकर सवाल-जवाब किए। सुधांशु व पीके गुप्ता का भी आमना-सामना कराया गया। देर शाम ईओडब्ल्यू ने एपी मिश्र व सुधांशु द्विवेदी के घरों पर छापा मारा।
ईओडब्ल्यू ने एपी मिश्र के अलीगंज स्थित घर से उनकी एक डायरी, मोबाइल फोन, पैन कार्ड व कुछ अन्य दस्तावेज कब्जे में लिए हैं। विकासनगर निवासी द्विवेदी के घर में भी कुछ दस्तावेज खंगाले गए। ईओडब्ल्यू कई बिंदुओं पर तीनों आरोपितों से सिलसिलेवार पूछताछ कर रही है। डीजी ईओडब्ल्यू डॉ.आरपी सिंह ने आरोपितों से पूछताछ के लिए एसपी शकीलुज्जमा समेत अन्य अधिकारियों के नेतृत्व में अलग-अलग टीमें गठित की हैंं।
पूछताछ में सुधांशु द्विवेदी ने निजी कंपनी दीवान हाउसिंग फाइनेंस लिमिटेड (डीएचएफएल) में भविष्य निधि की रकम के निवेश के निर्णय वाली फाइल पर हस्ताक्षर करने की बात से ही इन्कार कर दिया। बताया गया कि द्विवेदी ने कहा कि उन्हें अंधेरे में रखा गया और वह फाइल ही उन तक नहीं भेजी गई। ईओडब्ल्यू के एसपी का कहना है कि डीएचएफएल में निवेश के अप्रूवल संबंधी वर्ष 2017 की फाइल में एपी मिश्र के हस्ताक्षर हैं। यह अप्रूवल उन्होंने रिटायरमेंट से पहले दिया था।

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