दिल्ली ब्यूरो प्रमुख
हाथरस। पश्चिमी उत्तर प्रदेश के बहुचर्चित हाथरस सामूहिक बलात्कार-हत्या कांड मामले में आज सीबीआई ने करीब ढाई महीने बाद अदालत में चार्जशीट दाखिल कर दी। स्थानीय पुलिस जिस लडक़ी के साथ दुष्कर्म होने की बात से मना कर रही थी, उसी मामले में सीबीआई जांच ने कहा है कि लडक़ी के साथ सामूहिक दुष्कर्म किया गया। उसके बाद उसकी हत्या हुई है।
सीबीआई प्रवक्ता आरके गौड़ ने बताया कि शुक्रवार 18 दिसम्बर को दाखिल जार्चशीट में सीबीआई ने इस मामले में चार लोगों- संदीप, रवि, लवकुश और रामू को आरोपित बताया है। मामले की विवेचनाधिकारी सीबीआई की सीमा पहूजा ने बताया कि चारों आरोपितों के खिलाफ सामूहिक दुष्कर्म, हत्या, छेड़छाड़ और एससी-एसटी एक्ट की धारा के तहत मामला दर्ज किया गया है। चार्जशीट पेश करने के दौरान गांव से आए पीडि़त लडक़ी के भाई और उसकी भाभी भी अदालत में मौजूद थे। दोनों को सीआरपीएफ की सुरक्षा में कोर्ट लाया गया था।
उल्लेखनीय है कि हाई कोर्ट में इसी मामले को लेकर 25 नवम्बर को सुनवाई के दौरान सीबीआई ने आज के दिन ही चार्जशीट दाखिल करने की बात कही थी। सीबीआई ने 22 सितम्बर को दिए गए पीडि़त लडक़ी के आखिरी बयान को आधार बनाया है। पीडि़त लडक़ी इसी वर्ष 14 सितम्बर को अपने गांव के ही खेत में गंभीर हालत में मिली थी। बाद में उसे अलीगढ़ के अस्पताल और उसके बाद दिल्ली के सफदरजंग अस्पताल में भर्ती कराया गया था। उसने बयान में गांव के ही चार लोगों पर गैंग रेप का आरोप लगाया था और लंबी जद्दोजहद के बाद स्थानीय पुलिस ने सभी आरोपितों को गिरफ्तार किया था। मामला कहीं और न तूल पकड़ ले, इसलिए पुलिस ने सफदरजंग अस्पताल में लडक़ी की मौत होने के बाद उसका अंतिम संस्कार रातोरात करवा दिया था। इसके विरोध में देशभर में प्रदर्शन शुरू हो गए थे। इसके बावजूद यूपी पुलिस ने पोस्टमार्टम रिपोर्ट के आधार पर पीडि़त लडक़ी के साथ गैंग रेप न होने का दावा किया था। मामला सुप्रीम कोर्ट पहुंचा। कोर्ट ने यूपी पुलिस को फटकार लगाई। अंतत: योगी सरकार ने एसआईटी बनाकर जांच करवाई। उसके बाद मामले की जांच 11 अक्टूबर 2020 को सीबीआई को सौंप दी गई।


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