राष्ट्रीय जनमोर्चा संवाददाता
नोएडा। बाल दिवस के सुअवसर पर मारवाह स्टूडियों में आयोजित 12वें ग्लोबल फिल्म फेस्टिवल में आए कई स्लम एरिया के बच्चों को बाल फिल्में दिखाई गईं और उनको शिक्षा के लिए प्रेरित किया गया। ग्लोबल फिल्म फेस्टिवल के दूसरे दिन फिल्म के साथ-साथ कई रंगारंग कार्यक्रम हुए। इस मौके पर कई जानी-मानी हस्तियां मौजूद रहीं। चरित्र अभिनेता विक्रम गोखले, रोमानिया के राजदूत राडू ऑक्टेवियन डोबरे, फिल्म मेकर सचिन्द्र शर्मा, एक्ट्रेस मीरा चोपड़ा, मराठी एक्टर चाल्र्स थॉमसन, मिस यूक्रेन डेरीना गोर्डिएको और लॉयर अनूप बोस फेस्टिवल में उपस्थित रहे।
गोखले ने छात्रों को फिल्म और एक्टिंग के गुण सिखाए। उन्होंने कहा कि हर अभिनेता को हर किरदार में ढालना आना चाहिए। कोई भी किरदार छोटा या बड़ा नहीं होता। आप छोटे से किरदार को अच्छी तरह से निभाकर अपने आपको इस फिल्म नगरी में स्टैब्लिश कर सकते हो। मीरा चोपड़ा ने कहा की मॉडलिंग और एक्टिंग एक ही सिक्के के दो पहलू हैं। मॉडलिंग करते समय आपको ऑन द स्पॉट अदाकारी करनी होती है और फिल्मों में टेक रिटेक चल जाते हैं। अगर आप फिल्मों में अपना करियर बनाना चाहते हैं तो आपको वो सब सीखना होगा जो आम जि़न्दगी से परे है।
मारवाह स्टूडियो के निदेशक संदीप मारवाह ने कहा की 12वें ग्लोबल फिल्म फेस्टिवल में जितनी भी हस्तियां पहुंची हैं, सभी अपने-अपने क्षेत्र में उच्च स्तरीय हैं और मैं चाहता हूं कि मेरे छात्र इन तीन दिनो में कुछ न कुछ तो ज़रूर अडॉप्ट करें ताकि वो अपने जीवन में आगे बढ़ सकें। चाल्र्स थॉमसन ने कहा कि हमें सिर्फ हिंदी और इंग्लिश फिल्में ही नहीं बल्कि हर भाषा की फिल्में देखनी चाहिए। क्योंकि हर भाषा की फिल्म का अपना ही एक मज़ा है, जैसे की देवदास फिल्म कई भाषा में बनी है और हर भाषा में उसका अपना ही अलग मज़ा है।
राडू ऑक्टेवियन डोबरे ने कहा कि इस फेस्टिवल में आकर मुझे बहुत अच्छा लगा। यहाँ बच्चों और बड़े सभी के मतलब की फिल्में दिखाई जा रही हैं। फिल्में टूरिज्म को बहुत बढ़ावा देती हैं। जैसे-जैसे लोग किसी देश की फिल्मों से जुड़ते हैं वैसे-वैसे वहां का टूरिज्म भी बढ़ता जाता है। इस अवसर पर जवाहर लाल नेहरू फोरम का भी पोस्टर जारी किया गया।


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