बिहार मुख्यमंत्री के गृहनगर में बिना इजाजात 650 तब्लीगियों का जमावड़ा गंभीर षड्यंत्र: आरके सिन्हा

नई दिल्ली। भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के पूर्व सांसद रवीन्द्र किशोर सिन्हा का कहना है कि बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के गृहनगर नालंदा में बिना इजाजत 650 से अधिक तब्लीगी जमात के लोगों का जमावड़ा किसी षड़्यंत्र का हिस्सा हो सकता है।
आरके सिन्हा ने कहा कि अभी तक बिहार में कोरोना से लड़ाई अच्छी तरह से लड़ी जा रही, हालांकि बिहार में कोरोना पॉजिटीव की संख्या 83 पहुंच गई है। मुंगेर जिले में ही एक ही परिवार के नौ लोगों में यह संक्रमण मिला है। उन्होंने कहा कि सामाजिक दूरी का ध्यान रखा जाए और तब्लीगी जमात के लोगों की ट्रैवल हिस्ट्री को ट्रेस करके उनका आईसोलेशन किया जाए। उनको बताया जाए, उन्हें जागरूक किया जाए तो कोरोना के संक्रमण पर पूरी तरह से काबू पाना आसान होगा।
पूर्व सांसद सिन्हा ने बैंकों में लगने वाली भीड़ पर चिंता जताते हुए कहा कि जनधन खाता में प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के निर्देश पर सभी गरीबों को पांच सौ रुपये महीने भेजे तो जा रहे हैं, लेकिन इन 500 रुपये को लेने के लिए बैंकों में लम्बी कतारें लगाई जा रही हैं। इससे सामाजिक दूरी की धज्जियां उड़ रही हैं। कहीं ऐसा न हो कि पांच सौ रुपये के चक्कर में गरीब अपनी जान गवां बैठे। इसलिए पुलिस-प्रशासन और स्वयंसेवी संस्था का यह दायित्व बनता है कि सामाजिक दूरी का पालन किया जाए।
सिन्हा ने फिल्म अभिनेता सलमान खान के वीडियो मैसेज की सराहना करते हुए कहा कि उन्होंने नौ मिनट के अपने वीडियो संदेश में जिस प्रकार से अपने कौम के लोगों को कोरोना वायरस के प्रति जागरूक किया है, वह सराहनीय है। इसे ज्यादा से ज्यादा शेयर करना चाहिए।
शुक्रवार को जारी एक वीडियो संदेश में पूर्व सांसद, लेखक, चिंतक आरके सिन्हा ने कहा कि बिहार के नालांदा जिले से एक बहुत दुर्भाग्यपूर्ण व निंदनीय समाचार सुनने को मिला। नालंदा के मरकज (तब्लीगी जमात के केन्द्र) में आयोजित जलसे में बिहार और झारखंड के अनेक जिलों से जमाती आए थे। चिंताजनक बात यह है कि तब्लीगी जमात के इस आयोजन के लिए जिला प्रशासन की ओर से कोई अनुमति नहीं दी गई थी। इसके बावजूद खुले में बड़े-बडे पांडाल लगाकर यह आयोजन किया गया। बिहार के पटना, दरभंगा, मधुबनी, अररिया, किशनगंज, पूर्णिया, मुजफ्फरपुर आदि लगभग हर जिले में तब्लीगियों के मरकज हैं, पर नालंदा को ही क्यों चुना गया? इसी से षड़यंत्र की बू आती है। य़ह एक गंभीर मामला है और सरकार को इस मामले में सख्त कार्रवाई करनी चाहिए।
(सौजन्य: हिन्दुस्थान समाचार)

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