अन्न पात्र इंडिया का एक ही संकल्प- कोई भूखा न रहे: तरुण मानव

गरीबों को भोजन वितरित करते अन्न पात्र इंडिया फाउंडेशन के कार्यकर्ता

राष्ट्रीय जनमोर्चा संवाददाता
गाजियाबाद। एक रुपये में भरपेट भोजन! मंहगाई के इस दौर में यह बात महज एक सपना ही लगती है लेकिन यह सपना नहीं सच है। गाजियाबाद में सामाजिक संस्था चला रहे “अन्न पात्र इंडिया फाउंडेशन“ के संस्थापक तरुण मानव ने गरीबों व मजलूमों के लिए इस सच कर दिखाया है। उनका संकल्प है- कोई भूखा न रहे। उनकी संस्था हर रोज दिन में करीब 12 बजे ग़ाज़ियाबाद रोडवेज बस अड्डा (निकट संतोष हॉस्पिटल) पर भूखे व जरूरतमंदों को एक रुपये मात्र में भरपेट पौष्टिक भोजन का वितरण करती है।
राष्ट्रीय जनमोर्चा से तरुण मानव ने जो बातचीत की, उसका उद्देश्य यही है कि कोई भूखा न रहे। मानव पत्रकार वेलफेयर एसोसिएशन (रजि.) के महानगर कार्यकारिणी के सक्रिय सदस्य भी हैं। वह भूख की पीड़ा को लेकर द्रवित हो उठते हैं। कहते हैं, हमारे देश में आजादी के वर्षों बाद भी लाखों लोग भूखे सोने को मजबूर हैं। न जाने कितने लोगों की भूख के कारण हर साल मौत हो जाती हैI लाखों बच्चे कुपोषित हैं, कुछ लोग कुड़ें में फेंका गया खाना खाकर जीने को मजबूर हैं। ऐसे लोगों की मदद करने के लिए ही अन्न पात्र इंडिया फाउंडेशन का गठन किया गया है।
तरुण मानव कहते हैं, कोरोना महामारी का जब से प्रकोप हुआ है। खासकर लॉकडाउन में गरीब, पीड़ित और बेसहारा व उपेक्षित लोगों की हालात बहुत ज्यादा ख़राब हो गई। उनकी मदद के लिए “अन्न पात्र इंडिया फाउंडेशन“ पौष्टिक भोजन और राशन किट लगातार वितरित कर रहा है। ग़ाज़ियाबाद पुराना बस अड्डा पर हर रोज सुबह करीब 12 बजे जरूरतमंदों को मात्र एक रुपये में भरपेट पौष्टिक भोजन कराया जाता है। और यह सेवा निरंतर 109 दिन से जारी है। मानव बताते हैं, भोजन में दाल-रोटी, चावल, सब्जी, सलाद और मीठा दिया जाता है। करीब 500 लोग हर रोज भोजन करते हैं और यह संख्या हर दिन बढ़ती जा रही है।

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