काशी में सीएम योगी आदित्यनाथ ने कहा- चार साल में प्रदेश में व्यापक परिवर्तन हुआ हैै

राष्ट्रीय जनमोर्चा ब्यूरो
वाराणसी। भारतीय जनता पार्टी द्वारा रविवार को आयोजित प्रबुद्ध सम्मेलन को सम्बोधित करते हुए मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि देश में 1947 से सरकारें चली आ रही हैं। इतने लम्बे समय बाद भी सरकार का विकास का विजन तय नहीं हो पाता था, अपने एक संकीर्ण एजेंडे के साथ सरकारें आती-जाती थीं। एक नेतृत्व वो था जिसने आज़ादी के तत्काल बाद सोमनाथ मंदिर के कार्य के शुभारंभ का विरोध किया था और एक नेतृत्व आज है जो अयोध्या में राम मंदिर के निर्माण कार्य के लिए प्रत्यक्ष रूप से उपस्थित होकर 5 सदी के इंतजार को दूर कर गौरव की अनुभूति कर रहा है।
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि दंगों के बिना कोई त्योहार नहीं होता था, चार साल में प्रदेश में व्यापक परिवर्तन दिखाई पड़ रहा है। सभी ने अपने क्षेत्र में कार्य किया। उत्तर प्रदर्श के बारे में जो गलत धारणाएं थीं वे चार साल में सही हुई हैं। प्रति व्यक्ति आय प्रदेश में बढ़ी है। हमने अलग-अलग क्षेत्रों में प्रयास किया। तीन-चार वर्ष में चौथे नम्बर की रैंकिंग को दूसरे स्थान पर ला खड़ा किया। प्रथम कोरोना काल में हमने अपनी बसों से कोटा से सभी छात्रों को घर पहुंचाया। प्रयागराज से छात्रों को घर पहुंचाया। प्रदेश के 40 लाख लोगों को घर तो पहुंचाया ही, अन्य राज्यों के लोगों को भी उनके घरों तक पहुंचाया है।
सीएम ने सम्मेलन को संबोधित करन से पहले वाराणसी के सर्किट हाउस में विकास कार्य के साथ ही कोविड तथा बाढ़ के बाद की स्थिति की समीक्षा की। इसके बाद शिक्षक दिवस पर डा. सर्वपल्ली राधाकृष्णन को स्मरण किया। उनके योगदान को नमन करते हुए शिक्षकों को सम्मानित किया। योगी आदित्यनाथ ने कहा कि काशी में प्रवासी भारतीय दिवस पीएम के निर्देशन में मनाया गया था। प्रवासियों की इच्छा भारत में आने की होती थी लेकिन नहीं आ पाए। यह सौभाग्य पीएम ने दिया। हमने प्रवासी नगर बनाया, टेंट सिटी बनाया था। यह सबसे शानदार प्रवासी सम्मेलन था। पूर्व में राज्य की राजधानियों में होता था। काशी में जो हुआ वह प्रयाग राज कुम्भ में भी हुआ। शासन की योजनाओं से उसकी नीयत का पता चल जाता है। कुम्भ व प्रवासी सम्मेलन ने शासन की नीयत साफ कर दी। उतर प्रदेश ने चार वर्ष में पीएम के विजन को सार्थक किया। इसको बनाने में सभी का योगदान रहा।
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि आजादी के बाद भारतीयता से जुड़े लोगों को हतोत्साहित किया गया। इससे इतर पीएम नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में भारतीय आस्था व संस्कृति की आत्मा की पहचान वाले देश के स्थानों की पहचान को वैश्विक मंच पर प्रदर्शित किया गया। एक नेतृत्व ने सोमनाथ के निर्माण का विरोध किया तो आज अयोध्या में राम मंदिर के निर्माण का कार्य किया जा रहा है। काशी में विश्वनाथ धाम कारिडोर बन रहा है। महात्मा गांधी ने 1916 में काशी की गंदगी का उल्लेख किया। आज काशी, नई काशी के रूप में प्रस्तुत है। मां विंध्यवासिनी धाम योजना के साथ ही मथुरा आदि में जो योजनाएं लागू हो रही हैं, उससे विश्व में भारत की प्रतिष्ठा बढ़ी है
योगी आदित्यनाथ ने कहा कि काशी से राधा कृष्ण का सम्बंध है। इसके निर्माण में सभी का योगदान अविस्मरणीय बीएचयू परिवार मानता है। सनातन धर्म का केंद्र काशी प्राचीन काल से रहा है। काशी को जानने व देखने की उत्सुकता सदा से बनी रही है। लोग इसके भौतिक स्वरूप नहीं देख पाते थे। पिछले सात वर्षों से काशी अपने नए कलेवर के रूप में पुरातन कलेवर का स्वरूप बनती जा रही है। भैतिक विकास के रूप में काशी जनता की आकांक्षाओं के अनुरूप बढ़ रही है। हमें भी अवसर मिला यह हमारा सौभाग्य है। पीएम के संकल्प के साथ विकास का सौभाग्य प्राप्त हुआ है। काशी के साथ ही अन्य स्थलों पर भी विकास के कार्य पूरे हो रहे हैं।

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