राष्ट्रीय जनमोर्चा संवाददाता
गाजियाबाद। भारत रत्न लता मंगेशकर की याद में हिंदी भवन में रविवार, 20 फरवरी को कार्यक्रम आयोजित कर उन्हें संगीतमय श्रद्धांजलि दी गई। मुख्य अतिथि मेयर आशा शर्मा ने कहा कि लताजी जैसी गायिका सदियों में कोई एक होती है। वो संगीत की पर्याय बन गईं। उन्होंने इस आयोजन के लिए गीतांजलि संस्था और हिंदी भवन समिति का धन्यवाद देते हुए कहा कि इस तरह के आयोजन से जहाँ कलाकारों को प्रोत्साहन मिलता है, वहीं महानगर का वातावरण भी अच्छा बनता है।
हिंदी भवन समिति के अध्यक्ष ललित जायसवाल ने कहा कि लताजी अच्छी गायिका भी थीं और सच्ची राष्ट्र भक्त भी। उन्हें श्रद्धांजलि देने वाले लोग संगीत प्रेमी भी हैं और राष्ट्र प्रेमी भी। इस अवसर पर शायर व पत्रकार राज कौशिक ने कहा कि लता मंगेशकर का जीवन पूरी तरह से विवाद रहित रहा। आज के चुनावी वातावरण में जातियों को उभार कर राजनीति खेली जा रही है। इस माहौल में लता मंगेशकर जैसी शख्सियत प्रेरणा की स्रोत हैं जिन्होंने अपने नाम के साथ जाति को भी नहीं लगाया। उन्होंने अपने नाम लता के साथ अपनी जाति हार्डिकर को हटाकर मंगेशकर लिखा।
संगीतकार पंडित हरि दत्त शर्मा ने लताजी से जुड़े संस्मरन सुनाए। इसके बाद गायक गायिकाओं ने एक से बढ़ कर एक गीत गाकर माहौल को संगीतमय बना दिया। चक्षु हीन गायिका संगीता ने ‘ऐ मेरे वतन के लोगों, तुम आँख में भर लो पानी…’ गीत गाकर सुनने वालों की आँखें नम कर दीं। उनके गीत सत्यम, शिवम, सुंदरम और लग जा गले… को सुनकर लोगों ने खूब तालियां बजाई। टीवी शो सा रे ग म फेम सुकन्या ने लता जी के कई गीत गाकर लोगों को भाव विभोर कर दिया। राजू संगल को “तुम मुझे यूँ भुला ना पाओगे पर” खूब दाद मिली। मधुलिका, पवन कोहली, रतन, नीरू, अमरेश, संजय गर्ग, राकेश जिंदल, सोनिया, दीपिका टंडन आदि ने गीत सुना कर खूब वाहवाही बटोरी। कार्यक्रम में दर्जा प्राप्त राज्यमंत्री बलदेव राज शर्मा, अशोक गोयल व भाजपा नेता पृथ्वी सिंह कसाना भी उपस्थित रहे।


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