‘बारादरी’ बनी देश की सांस्कृतिक पहचान: मोईन शादाब

राष्ट्रीय जनमोर्चा संवाददाता
गाजियाबाद। ‘बारादरी’ की महफ़िल को गीतकार और शायरों ने अपनी रचनाओं से यादगार बना दिया। मशहूर शायर और कार्यक्रम अध्यक्ष मोईन शादाब ने कहा कि गंगा जमुनी तहजीब की महफ़िल ‘बारादरी’ आज देश की सांस्कृतिक पहचान बन गई है। कार्यक्रम के मुख्य अतिथि खालिद अखलाक ने कहा कि इस मंच से पढ़ना इसलिए गर्व की बात है, क्योंकि यह अदब की महफ़िल है। साथ ही शायर जय प्रकाश ‘जय’ ने भी सराहा।
रविवार, 20 जुलाई को सिल्वर लाइन प्रेस्टीज स्कूल में आयोजित महफिल का सुप्रसिद्ध शायरा तरुणा मिश्रा ने खूबसूरत संचालन किया। इस अवसर पर जहां सुप्रसिद्ध कवयित्री डॉ. तारा गुप्ता को जीवन पर्यन्त ‘साहित्य सृजन’ सम्मान प्रदान किया गया, वहीं डॉ. माला कपूर ‘गौहर’ की पुस्तक ‘पंच तत्व’ का लोकार्पण भी किया गया।
महाफिल में शायर खालिद अखलाक, डॉ. माला कपूर ‘गौहर’, शायर सुरेन्द्र सिंघल, नेहा वैद, ईश्वर सिंह तेवतिया, मासूम गाजियाबादी, योगेन्द्र दत्त शर्मा, जगदीश पंकज, अनिमेष शर्मा ‘आतिश’, इंद्रजीत सुकुमार, संजीव शर्मा, डॉ. वीना मित्तल, सरवर हसन सरवर, रवि पाराशर, विपिन जैन, डॉ. सुधीर त्यागी, अनिल शर्मा, सुप्रिया सिंह वीणा, प्रदीप भट्ट, देवेन्द्र देव, सुरेन्द्र शर्मा, कल्पना कौशिक, दीपक श्रीवास्तव ‘नीलपदम’, डॉ. नरेंद्र शर्मा व आशा शर्मा की रचनाओं को भरपूर सराहना मिली।
इस अवसर पर आलोक यात्री, सुभाष चंदर, पंडित सत्य नारायण शर्मा, वागीश शर्मा, अक्षयवरनाथ श्रीवास्तव, शकील अहमद सैफ, राधा रमण, मनोज शाश्वत, संजीव नादान, शुभ्रा पालीवाल, नरेंद्र नागर, डॉ. सुमन गोयल, ओंकार सिंह, प्रमोद शिशोदिया, डी. डी. पचौरी, मोनिश रहमान, निरंजन शर्मा, सुरेश शर्मा अखिल, अशहर इब्राहिम, उत्कर्ष गर्ग, डॉ. भरत शर्मा, शशिकांत भारद्वाज, राकेश मिश्रा, पराग कौशिक, तेजवीर सिंह, वीरेन्द्र सिंह राठौड़, संजय भदौरिया, डॉ. प्रीति कौशिक, श्रीचंद्र सारस्वत व मसरूर हसन खान सहित बड़ी संख्या में श्रोता मौजूद रहे।

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