महंगाई से बिगड़ने लगा है बजट: ममता सिंह

राष्ट्रीय जनमोर्चा संवाददाता
गाजियाबाद। पेट्रोल डीजल और रसोई गैस की बढ़ती कीमतों का असर आम लोगों के जीवन पर पड़ेगा। इससे महंगाई और बढ़ेगी। लोगों के लिए रोजमर्रा की जरूरतों को पूरा करना और बहुत मुश्किल हो रहा है।ऐसे में यह सवाल भी उठता है कि आखिर क्या कारण है कि चुनाव के समय इन उत्पादों के दाम नहीं बढ़ते लेकिन सामान्य समय में बढ़ने लगते हैं? सरकार यह कहकर बच नहीं सकती कि इनका मूल्य अंतरराष्ट्रीय कारक तय करते हैं। तेल उत्पादों पर टैक्स ड्यूटी केंद्र व राज्य सरकारें लगाती हैं।
आपको याद होगा जब कोरोनाकाल में कच्चे तेल के दाम घटे थे, तब भी सरकार ने लोगों की मुसीबतों की परवाह नहीं की और घटी कीमतें अपने खाते में ले लिया। आज जब महंगाई से आम आदमी त्रस्त है, तब भी सरकार सोई हुई है। यदि तेल के दाम इसी तरह बढ़ते रहे तो इससे न सिर्फ ढुलाई लागत बढ़ेगी बल्कि आवश्यक वस्तुओं के दामों में भी तेज उछाल आएगा। इससे देश की अर्थव्यवस्था की तरह लोगों के जीवन की गाड़ी बे-पटरी हो जाएगी। आर्थिक महंगाई ने सभी घरों का बजट बिगाड़ दिया है। पिछले एक साल से महंगाई बहुत तेजी से बढ़ी है। आज हर कोई परेशान है। कारोबार को लेकर चिंता में है। सारा कामकाज चौपट हो रहा है। अब ऊपर से महंगाई लगातार चिंता बढा रही है। सरकार कब इस समस्या का समाधान करेगी?
(लेखिका समाजसेवी एवं ‘आनंद सेवा समिति’ की अध्यक्ष हैं।)

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