राष्ट्रीय जनमोर्चा संवाददाता
गाजियाबाद। योगी आदित्यनाथ के राज में भी पत्रकार सुरक्षित नहीं हैं। मंगलवार की शाम नगर के प्रतिष्ठित समाचार पत्र हिंदी दैनिक व न्यूज चैनल ‘आप अभी तक’ के दफ्तर में कुछ दबंगों ने घुसकर हमला बोल दिया। महिला कर्मियों को भी नहीं छोड़ा। उनके साथ मारपीट की और बदसलूकी करने की खबर है। कैंसर जैसी घातक बीमारी से जूझ रहे दिव्यांग वरिष्ठ पत्रकार सुभाष चंद और सत्यम पंचोली को गंभीर चोटें आई हैं। घटना की सूचना डीसीपी सिटी को दी गई लेकिन पुलिस देर से पहुंची और अब जांच-पड़ताल जारी है।
कोतवाली थाना प्रभारी को वरिष्ठ पत्रकार सुभाष चंद द्वारा दी गई तहरीर के अनुसार, जिला अस्पताल एमएमजी के नजदीक शंभू दयाल कंपलेक्स के अंदर आप अभी तक अखबार का दफ्तर है। मंगलवार को सभी मीडियाकर्मी रोजाना की तरह कार्य कर रहे थे, तभी 25-30 दबंग आ धमके और सामने जो भी पत्रकार मिला, उसे पीटना शुरू कर दिया। यहां तक कि महिला कर्मियों को भी नहीं छोड़ा। उनके साथ अश्लील हरकत की गई। छेड़छाड़ का विरोध किया तो पीटा गया।
हमलावरों में से तीन लोगों को नामजद किया गया है। इनमें चरण सिंह, ललित और समीर शामिल हैं। बाकी के अज्ञात हमलावर हैं, जो सुभाष चंद का मोबाइल भी लूट ले गए। डीसीपी सिटी को फोन पर घटना की सूचना तुरंत दी गई लेकिन देर से पहुंची पुलिस को मौके पर कोई हमलावर नहीं मिला। मारपीट, तोड़फोड़ और लूटपाट कर आरोपी फरार हो चुके थे।
पीड़ित पत्रकार सुभाष चंद ने बताया कि दबंगों ने उन पर जाति सूचक शब्दों का इस्तेमाल करते हुए हमला किया था। साथ ही भुगत लेने की धमकी दी है। ‘आप अभी तक’ के प्रधान संपादक इमरान खान ने बताया कि उनके पड़ोस वाली बिल्डिंग में करीब 30 साल से एक अवैध फैक्ट्री चल रही है। उसके द्वारा अतिक्रमण किया जाता था। जब अधिक अतिक्रमण होने लगा और कामकाज में दिक्कत आई तो सत्यम और सुभाष ने उसकी फोटो खींचकर खबर बना रहे थे। इसकी भनक लगते ही दबंगों ने दफ्तर में हमला बोल दिया। महिला मीडिया कर्मियों से बदसलूकी की, पत्रकारों को पीटा और हद तो तब हो गई जब हमला करने वालों में से कुछ लोग थाना कोतवाली में बैठकर पुलिस पर दबाव भी बनाया। नतीजतन पुलिस ने एफआईआर तक दर्ज नहीं की। इमरान खान सवाल करते हैं, “अगर हम पर इसी तरह हमला होता रहा और पुलिस लापरवाही बनी रही तो फिर कैसे हम पत्रकारिता धर्म निभा पाएंगे?”
घटना को लेकर वरिष्ठ पत्रकार जितेन्द्र बच्चन ने भी प्रतिक्रिया दी है। उन्होंने इस हमले की कड़ी निंदा करते हुए तत्काल हमलावरों को गिरफ्तार करने की मांग की है। वरिष्ठ पत्रकार सोबरन सिंह ने कहा है कि अतिक्रमण करने वाली अवैध रूप से संचालित फैक्ट्री तुरंत बंद की जानी चाहिए और आरोपियों को पुलिस सख्त से सख्त सजा देने की कार्यवाही करे। साथ ही पत्रकार साथियों को एकजुट होकर इस मामले पर विरोध जताने की अपील की है। पत्रकार दीपक चौधरी ने आरोपियों पर सख्त से सख्त कार्रवाई करनी की मांग की है। आजाद खालिद, शक्ति सिंह, जितेन्द्र भाटी, प्रवीण अरोड़ा, अशोक गुप्ता, फोटो जर्नलिस्ट उमेश कुमार, रविन्द्र गुप्ता आदि पत्रकारों ने भी इस घटना पर रोष जताया है।


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