सुधांशु श्रीवास्तव/राष्ट्रीय जनमोर्चा संवाददाता
सुल्तानपुर। उत्तर प्रदेश सरकार सुल्तानपुर जिले का नाम भगवान श्रीराम के ज्येष्ठ पुत्र कुश के नाम पर कुशभवनपुर करने की तैयारी कर रही है। राजस्व परिषद ने इसके लिए अपनी संस्तुति शासन को भेज दी है। अब महज अंतिम निर्णय मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की अध्यक्षता वाली प्रदेश कैबिनेट को करना है, जो मिशन-2022 को सफल बनाने के लिए पहले से इसके लिए तैयार बैठी है।
उल्लेखनीय है कि कुशभवनपुर उत्थान सेवा समिति की अगुवाई में सुल्तानपुर की जनता लंबे समय से जिले का नाम बदलकर कुशभवनपुर करने की मांग करते आ रहे हैं। प्रत्येक वर्ष कुश की मूर्ति के पास हजारों नागरिकों के समक्ष हवन के साथ पूरे जनपद में शोभायात्रा पिछ्ले कई वर्षों से निकाली जा रही है। पूर्व केंद्रीय मंत्री एवं बीजेपी सांसद मेनका गांधी ने भी सुलतानपुर का नाम बदलने का समर्थन किया है। शासन ने इस मामले को संज्ञान लेकर रिपोर्ट तलब की थी, जिस पर करीब चार माह पूर्व डीएम रवीश गुप्ता ने गजेटियर का हवाला देते हुए रिपोर्ट कमिश्नरी को भेजा था।
इससे पहले वर्ष 2018 में नगरपालिका बोर्ड की बैठक में सुलतानपुर का नाम बदलकर कुशभवनपुर करने का प्रस्ताव पास हुआ था। शौर्य फाउंडेशन ने मार्च 2019 में सुलतानपुर पहुंचे तत्कालीन राज्यपाल राम नाइक को एक किताब के साथ एक पत्र सौंपा था, जिसमें सुलतानपुर का नाम कुशभवनपुर करने का अनुरोध किया गया था। इस सिलसिले में 28 मार्च 2019 को उत्तर प्रदेश के तत्कालीन राज्यपाल राम नाइक ने यूपी के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ को चिट्ठी भी लिखी थी। वहीं, लंभुआ से भारतीय जनता पार्टी के विधायक देवमणि ने सदन में धारा 103 के तहत इस पर चर्चा की थी। हाल ही में उन्होंने सुलतानपुर से बीजेपी के तीन और विधायकों को लेकर मुख्यमंत्री से मिलकर सिफारिश की है।
भाजपा विधायक देवमणि का कहना है कि अयोध्या से सटे सुलतानपुर जिले को भगवान श्रीराम के पुत्र कुश ने बसाया था और इसे कुशभवनपुर नाम से जाना जाता था। यहीं सीताजी ठहरी थीं, उनकी याद में आज भी सीताकुंड घाट है। सुलतानपुर के गजेटियर में भी इस बात का उल्लेख है कि इसका नाम कुशभवनपुर ही था। उस समय मुगलों ने इसका नाम बदल दिया था। ऐसे में इसका पुराना नाम होने से जहां गर्व की अनुभूति होगी, वहीं सांस्कृतिक महत्व भी बढ़ेगा।
एक अन्य जानकारी के अनुसार सुल्तानपुर जिले का नाम बदलने के प्रस्ताव में कहा गया है कि त्रेता युग में भगवान राम के पुत्र कुश की राजधानी कुशभवनपुर हुआ करती थी। महराज कुश के आगे की पीढ़ियों ने द्वापर तक यहां राज किया और कौरव सेना की ओर से लड़ते हुए वीरगति को प्राप्त हुए। बाद में कुशभवनपुर को सुल्तानपुर कहा जाने लगा। दोनों ही स्तर से जनभावनाओं व ऐतिहासिक तथ्यों के मददेनजर जिले का नाम बदलने की सिफारिश की गई है। उधर 2022 का विधानसभा चुनाव आ रहा है। ऐसे में कयास लगाए जा रहे हैं कि योगी सरकार चुनाव से पहले जिले का नाम बदलकर उसे वोट बैंक के रूप में कैश कराएगी।


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