जितेन्द्र बच्चन
लखनऊ। उत्तर प्रदेश में योगी सरकार 2.0 ने राज्य के इतिहास का सबसे बडा बजट पेश किया। करीब 6 लाख 15 हजार करोड़ से ज्यादा के बजट में किसानों से लेकर महिलाओं और युवाओं तक के लिए सौगाते हैं। साथ ही 5.90 लाख करोड़ आय का लक्ष्य है। महिलाओं, युवाओं, किसानों पर फोकस बढ़ाया गया है। खासकर महिलाओं की सुरक्षा पर से जोर दिया गया है। युवाओं को रोजगार के लिए 10 हजार स्टार्टअप्स की स्थापना का लक्ष्य है। वित्त मंत्री सुरेश खन्ना ने यह भी बताया कि इन्वेस्टर्स समिट से प्रदेश में 75 करोड़ रुपये का निवेश आया है।
गुरुवार, 26 मई को उत्त र प्रदेश की योगी आदित्यनाथ सरकार ने वित्तीय वर्ष 2022-23 के लिए विधानमंडल में करीब 6 लाख 15 हजार करोड़ रुपये का पहला बजट पेश किया। वित्त मंत्री सुरेश खन्नाक ने बजट पेश किया। बजट मं प्रदेश की सुरक्षा व्यईवस्थात, महिलाओं की सुरक्षा, युवाओं को नौकरी, कृषि सहित सभी सेक्ट रों पर फोकस किया गया है।
उल्लेखनीय है कि यह योगी सरकार का छठवां और प्रदेश की भाजपा सरकार के दूसरे कार्यकाल का पहला बजट है। बजट का आकलन करने से पता चलता है कि इसके केंद्र में भाजपा का लोक कल्याण संकल्प पत्र को रखा गया है, जिसमें किये गए वादों को साकार करने की दिशा में कदम बढ़ाकर सरकार वर्ष 2024 में होने वाले लोकसभा चुनाव के लिए पुख्ता जमीन तैयार कर रही है।
साल में दो सिलेंडर मुफ्त देने का ऐलान
अन्त्योदय एवं पात्र गृहस्थी कार्ड धारकों को निशुल्क खाद्यान्न, साबुत चना, रीफाइंड सोयाबीन ऑयल और आयोडाइंड नमक के साथ ही प्रधानमंत्री उज्जवला योजना के तहत लाभार्थियों को निशुल्क दो एलपीजी सिलेंडर रीफिल वितरण के लिए 6571 करोड़ 13 लाख रुपये की व्यवस्था की गई है।
स्वास्थ्य-चिकित्सा सेक्टर के लिए बजट में बडे़ ऐलान
बजट में राष्ट्रीय ग्रामीण स्वास्थ्य मिशन हेतु 10,547 करोड़ 42 लाख रुपये की व्यवस्था प्रस्तावित है। प्रधानमंत्री आत्मनिर्भर स्वस्थ भारत योजना हेतु 620 करोड़ रुपये की व्यवस्था प्रस्तावित है। राज्य कर्मचारियों तथा पेंशनरों की असाध्य बीमारी के उपचार हेतु राज्य कर्मचारी कैशलेस चिकित्सा योजना हेतु 100 करोड़ रुपये की व्यवस्था प्रस्तावित है। इसके अलावा प्रदेश में 9 से 14 वर्ष तक की एक लाख बालिकाओं को एचपीवी वैक्सीन की दोनों खुराक से आच्छादित किये जाने हेतु 50 करोड़ रुपये की व्यवस्था प्रस्तावित है। जबकि आशा कार्यकत्री एवं शहरी आशा संगिनियों को राज्य सरकार द्वारा प्रतिपूर्ति की धनराशि में की गई वृद्धि के दृष्टिगत 300 करोड़ रुपये की बजट व्यवस्था प्रस्तावित है।
वृद्धावस्था पेंशन बढ़ाकर 1000 रुपये प्रतिमाह की
बटज में वृद्धावस्था पेंशन योजनान्तर्गत प्रत्येक लाभार्थी की पेंशन की राशि को बढ़ाकर 1000 रुपये प्रतिमाह करने की घोषणा की गई है। निराश्रित महिला पेंशन योजनान्तर्गत पात्र लाभार्थियों को देय पेंशन की धनराशि 500 रुपये प्रतिमाह को बढ़ाकर 1000 रुपये प्रतिमाह की गई। मुख्यमंत्री सामूहिक विवाह योजना हेतु 600 करोड़ रुपये की व्यवस्था प्रस्तावित है।
दिव्यांग अनुदान धनराशि 1000 किया
दिव्यांग भरण-पोषण अनुदान की धनराशि जो वर्ष 2017 के पूर्व मात्र 300 रुपये प्रतिमाह प्रति व्यक्ति थी, को बढ़ाकर अब 1000 रुपये प्रतिमाह कर दिया गया है। कुष्ठावस्था विकलांग भरण-पोषण योजना के अन्तर्गत 3000 रुपये प्रति माह की दर से 34 करोड़ 50 लाख रुपये की व्यवस्था प्रस्तावित है। मैनुअल स्कॅवेन्जर मृत्यु क्षतिपूर्ति योजना हेतु 01 करोड़ 50 लाख रुपये की व्यवस्था प्रस्तावित है।
पांच साल में 4 लाख नौकरियां देने का लक्ष्य
माध्यमिक शिक्षा में 7540 पदों पर भर्ती की जाएगी। मेडिकल कॉलेजों में 10 हजार पद भरे जाएंगे। सूचना प्रौद्योगिकी एवं इलेक्ट्रानिक्स उद्योग नीति के अन्तर्गत 5 सालों में 40,000 करोड़ रुपये के निवेश और 04 लाख व्यक्तियों के लिए रोजगार सृजन का लक्ष्य निर्धारित किया गया है। मनरेगा योजनान्तर्गत वित्तीय वर्ष 2021-22 में 26 करोड़ मानव दिवस का सृजन किया गया, जिसके सापेक्ष वित्तीय वर्ष 2022-23 में मनरेगा योजनान्तर्गत 32 करोड़ मानव दिवस सृजन किये जाने का लक्ष्य निर्धारित किया गया है। मुख्यमंत्री ग्रामोद्योग रोजगार योजना के अन्तर्गत वर्ष 2022-2023 में 800 इकाईयों की स्थापना कराकर 16000 लोगों को रोजगार उपलब्ध कराये जाने का लक्ष्य रखा गया है।
नोएडा और गाजियाबाद को मिला
सेफ सिटी योजना के तहत, महिलाओं की सुरक्षा के लिए लखनऊ, गौतमबुद्ध नगर, आगरा वाराणसी, गोरखपुर, प्रयागराज में योजना लागू किए जाने हेतु 523 करोड़ 34 लाख रुपये की व्यवस्था प्रस्तावित है। दिल्ली-गाजियाबाद-मेरठ कॉरिडोर को 1306 करोड़ आवंटित करने का प्रस्ताव है।


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