राष्ट्रीय जनमोर्चा संवाददाता
मुरादनगर (गाजियाबाद)। गंग नहर स्थित सतलोक आश्रम के श्री हंस इंटर कॉलेज प्रांगण में होली महोत्सव पर मानव उत्थान सेवा समिति के तत्वावधान में दो दिवसीय सत्संग समारोह में उपस्थित जनसमुदाय को संबोधित करते हुए सुविख्यात समाजसेवी व आध्यात्मिक गुरु सतपाल महाराज ने कहा कि भक्त प्रहलाद का भगवान के प्रति अटूट विश्वास का प्रतीक है होली पर्व।
उन्होंने कहा कि किसी भी पर्व को आप देखेंगे तो उसके पीछे एक अध्यात्म का संदेश होता है जैसे प्रहलाद के अंदर भक्ति थी, भगवान के प्रति उसका अटूट विश्वास था और उसका ऐसा अटूट विश्वास था कि हिरण्यकश्यप ने कहा कि बहन होलीका तेरे पास ऐसी चादर है जो जलती नहीं है, उसको ओढ़कर प्रहलाद को गोद में लेकर बैठ जाएगी तो प्रहलाद जलकर खाक हो जाएगा। लेकिन भगवान ने ऐसी कृपा की, कि प्रहलाद बच गया और होलिका जलकर खाक हो गई। अगर हम भी ज्ञानमार्गी होकर भगवान की भक्ति करेंगे और अटूट विश्वास रखेंगे तो भगवान हमारी भी रक्षा करेंगे।
श्री महाराज ने कहा कि प्रभु का नाम ही कलिकाल के प्रभाव से बचा सकता है। जब हमारी आत्मिक शक्ति मजबूत होगी और आत्मा में स्थित होकर इंद्रियों को वश में कर जब ध्यान व भजन सुमिरन का अभ्यास करेंगे तो धीरे-धीरे यह मन स्थिर होने लगेगा और परम प्रकाश स्वरूप परमात्मा का दर्शन होना प्रारंभ हो जाएगा। हमें कभी किसी जीव या प्राणी, किसी का अनहित नहीं करना चाहिए। कार्यक्रम से पूर्व महाराज जी, माता श्री अमृता जी व अन्य विभूतियों का माल्यार्पण का स्वागत किया गया। मंच संचालन महात्मा हरिसंतोषानंद ने किया।


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