राष्ट्रीय जनमोर्चा संवाददाता
मेरठ। हीमोफिलिया एक अत्यंत गंभीर रक्त विकार है। इससे ग्रसित व्यक्ति के खून का थक्का बनने की सामान्य प्रक्रिया प्रभावित होती है, जिससे पीड़ित के जोड़ों, मांसपेशियों व दूसरे अंगों में स्वतः अंतरिक रक्तस्राव होने लगता है। हीमोफिलिया असाध्य रोग है, जिसका कोई स्थाई इलाज नहीं है। लाला लाजपत राय मेमोरियल मेडिकल कॉलेज से संबद्ध सरदार बल्लभ भाई पटेल चिकित्सालय में हीमोफीलिया उपचार की सुविधाएँ उपलब्ध हैं। यह अस्पताल पश्चिमी उत्तर प्रदेश के सबसे प्रमुख उपचार केन्द्रों में से एक है, जहाँ सैकड़ों हीमोफीलिया रोगी पंजीकृत हैं।
आई ड्रीम टू ट्रस्ट (एनजीओ) के संथापाक व राष्ट्रीय अध्यक्ष राजन चौधरी के नेतृत्व में मंगलवार को एक प्रतिनिधिमंडल ने हीमोफिलिया रोगियों के साथ मेरठ मेडिकल कॉलेज के प्राचार्य डॉ ज्ञानेन्द्र कुमार व डॉ योगिता सिंह (एसोसिएट प्रोफेसर व नोडल ऑफिसर हीमोफिलिया) से मुलाकात कर उन्हें एक ज्ञापन दिया। सामाजिक संस्था ने ज्ञापन के माध्यम से चिकित्सालय में हीमोफीलिया के उपचार में आ रही तमाम समस्याओं से प्राचार्य व नोडल अधिकारी को अवगत कराते हुए उसके समाधान की मांग की है।
राजन चौधरी ने ‘राष्ट्रीय जनमोर्चा’ को बताया कि उनकी संस्था द्वारा इसी वर्ष 14 अप्रैल को सरदार बल्लभ भाई पटेल चिकित्सालय के पंजीकृत हीमोफीलिया रोगियों की इन्हिबिटर स्क्रीनिंग हेतु Super Speciality Paediatric Hospital & Post Graduate Teaching Institute, Noida के सहयोग से कैंप का आयोजन किया था। इसके नतीजे चिंताजनक हैं। कैंप में जाँच कराने वाले 42 हीमोफीलिया रोगियों में से 17 रोगी इन्हिबिटर पॉजिटिव पाए गए। इन रोगियों के उपचार हेतु Bypassing Agents (फैक्टर 7) की निरंतर उपलब्धता अत्यंत आवश्यक है, क्योंकि हीमोफीलिया रोगियों की तुलना में इन्हिबिटर पॉजिटिव हीमोफीलिया रोगियों के रक्तस्राव का उपचार एवं प्रबंधन अत्यंत कठिन है। दुर्भाग्य से वर्तमान में इस चिकित्सालय में फैक्टर 7 उपलब्ध नहीं है जिस कारण इन्हिबिटर्स पॉजिटिव हीम़ोफीलिया रोगियों को कोई उपचार उपलब्ध नहीं है।
उन्होंने बताया कि चिकित्सालय में हीमोफीलिया उपचार में सामान्य रूप से काम आने वाले फैक्टर 8 एवं Factor 9 की उपलब्धता भी सतत् नहीं है। रोगियों को इसके लिए हफ्तों, यहाँ तक कि कई बार महीनों इंतजार करना पड़ता है। ऐसे में उनकी मांग है कि संजय गांधी स्नातकोत्तर आयुर्विज्ञान संस्थान के संबंधित अधिकारियों से संपर्क स्थापित कर हीमोफीलिया उपचार हेतु फैक्टर 7, 8 व 9 की निर्बाध उपलब्धता सुनिश्चित की जाए। राजन चौधरी ने यह भी बताया कि आई ड्रीम टू ट्रस्ट पिछले एक वर्ष से लगातार हीमोफिलिया उपचार केंद्र स्थापित करने की मांग कर रहा है। इसके बावजूद मेडिकल प्रबंधन इस पर गंभीरता से विचार नहीं कर रहा है। ज्ञापन देने वाले प्रतिनिधि मंडल में शुभम शर्मा, अभिषेक भारद्वाज, रोहित कुमार, अनुज कुमार, मोहित, प्रशांत चौधरी, शादाब, योगेश, कासिफ, बॉबी, नीरज कुमार, निशांत, मोहन कुमार आदि उपस्थित रहे।


Leave a Reply