राष्ट्रीय जनमोर्चा। ब्यूरो
लखनऊ। पत्रकारों, बुद्धिजीवियों एवं मीडियाकर्मियों की सुरक्षा व समाचार संकलन के दौरान उनके साथ होने वाले दुर्व्यवहार, अनावश्यक हस्तक्षेप अथवा रिपोर्टिंग में बाधा डालने की शिकायतों को गंभीरता से लेने के बिहार पुलिस मुख्यालय के निर्देश का ‘उत्तर प्रदेश जर्नलिस्ट्स एसोसिएशन’ ने स्वागत किया है। बिहार के डीजीपी के निर्देश पर सभी वरिष्ठ पुलिस अधीक्षकों एवं पुलिस अधीक्षकों को पत्रकारों के साथ संवेदनशील एवं सम्मानजनक व्यवहार करने तथा शिकायत मिलने पर दोषी पुलिसकर्मियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई के निर्देश दिए गए हैं।
उत्तर प्रदेश जर्नलिस्ट्स एसोसिएशन के प्रदेश सचिव एवं पत्रकार नेता धर्मेन्द्र कुमार चौधरी ने बिहार इस पहल को पत्रकारों की सुरक्षा व स्वतंत्र पत्रकारिता के लिए एक सकारात्मक संदेश बताते हुए कहा कि पत्रकार लोकतंत्र के चौथे स्तंभ के रूप में समाज और प्रशासन के बीच महत्वपूर्ण कड़ी का कार्य करते हैं। समाचार संकलन के दौरान उनके साथ किसी भी प्रकार का दुर्व्यवहार या अनावश्यक रोक-टोक उचित नहीं है।
उन्होंने कहा कि अन्य प्रदेशों को भी बिहार की इस पहल को सकारात्मक सोच के साथ तत्काल लागू करना चाहिए, ताकि पत्रकारों को समाचार संकलन में सुरक्षित एवं स्वतंत्र वातावरण मिल सके। पत्रकारों के विरुद्ध पूर्वाग्रह से प्रेरित होकर कार्रवाई के बजाय शिकायतों की निष्पक्ष जांच होनी चाहिए और दोषी पाए जाने पर नियमानुसार कार्रवाई की जानी चाहिए।
श्री चौधरी ने कहा कि पत्रकारों की सुरक्षा केवल पत्रकारों का मुद्दा नहीं, बल्कि स्वतंत्र एवं निष्पक्ष पत्रकारिता तथा लोकतांत्रिक व्यवस्था की मजबूती से जुड़ा विषय है। उम्मीद है कि अन्य राज्य भी इस दिशा में ठोस पहल करेंगे।


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