राहुल गौतम/राष्ट्रीय जनमोर्चा
गाजियाबाद। उत्तर प्रदेश में एक और पत्रकारों की हत्या कर दी गई। इस बार प्रतापगढ़ में एबीवीपी गंगा न्यूज चैनल के जिला संवाददाता सुलभ श्रीवास्तव शराब माफिया के शिकार बने हैं लेकिन पुलिस इसे दुर्घटना का मामला बताकर रफादफा कर देना चाहती है। जबकि दो दिन पहले ही उन्होंने अपनी हत्या की आशंका जताई थी। उन्होंने प्रयागराज जोन के एडीजी को पत्र लिखकर शराब माफिया के हाथों हत्या का अंदेशा जताया था। कहा था कि शराब माफिया से उनकी जान को खतरा है लेकिन पुलिस सुलभ की मौत की वजह सड़क हादसा बता रही है। पत्रकार वेलफेयर एसोसिएशन (PWA) के अध्यक्ष जितेन्द्र बच्चन ने सूबे के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ को एक पत्र जारी कर सुलभ श्रीवास्तव की घटना की उच्चस्तरीय जांच की मांग की है।
उन्होंने कहा है कि उत्तर प्रदेश में पत्रकारों का शोषण, उत्पीड़न और फर्जी मुकदमों में फंसाने की घटना आम बात है। कोई भी पत्रकार सुरक्षित नहीं हैं। ईमानदार पत्रकारों पर लगातार हमले हो रहे हैं। सुलभ श्रीवास्तव की शराब माफिया ने एक बड़ी साजिश के तहत हत्या की है। इस साजिश का पर्दाफाश तभी होगा जब इस मामले की उच्चस्तरीय जांच कराई जाए। मामले में जो भी दोषी हैं और लापरवाह पुलिसवालों को कड़ी से कड़ी सजा दी जाए।
पुलिस बता रही दुर्घटना:
प्रतापगढ़ पुलिस के अनुसार घटना थाना नगर कोतवाली इलाके के सुखपाल नगर ईंट-भट्ठे के पास की है। यहां रविवार, 13 जून की देर रात सुलभ श्रीवास्तव सड़क दुर्घटना के शिकार हो गए। बारिश होने के कारण उनकी मोटरसायकिल फिसल गई और उन्हें गंभीर चोट आई। मौके पर पहुंची पुलिस सुलभ को जिला अस्पताल ले गई, जहां डॉक्टरों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया। पुलिस इस दुर्घटना की जांच कर रही है। लेकिन पत्रकार वेलफेयर एसोसिएशन के अध्यक्ष बच्चन का कहना है कि सच को छिपाया जा रहा है।
अधिकारियों ने गंभीरता से नहीं लिया:
उन्होंने बताया कि सुलभ श्रीवास्तव ने 11 जून को अपर पुलिस महानिदेशक (प्रयाग जोन) और प्रतापगढ़ के पुलिस अधीक्षक को एक पत्र लिखकर जान-माल की सुरक्षा करने की मांग की थी। पत्र में उन्होंने बताया था कि पिछले दिनों कुंडा, हथिगंवा, अंतू व अन्य थाना क्षेत्रों में पुलिस की छापेमारी में भारी मात्रा में शराब बरामद की थी और एक-दो अवैध फैक्टरी पकड़ी गई थी। इस खबर को उन्होंने 9 जून को अपने चैनल के माध्यम से ब्रेक की थी। इसकी वजह से शराब माफिया उनके पीछे पड़ गया। खुद सुलभ ने स्थानीय पुलिस से गुहार लगाई थी कि कोई उनकी रेकी कर रहा है। उन्हें शराब माफिया की धमकी मिल रही है और वह परेशान हैं लेकिन पुलिस ने इस मामले को गंभीरता से नहीं लिया। परिणाम अब सभी के सामने है।
तभी होगा साजिश का पर्दाफाश:
वरिष्ठ पत्रकार जितेन्द्र बच्चन ने बताया कि सुलभ श्रीवास्तव शराब माफिया के शिकार हुए हैं। मुख्यमंत्री को इस मामले की तुरंत उच्चस्तरी जांच करानी चाहिए, तभी सारी साजिश का पर्दाफाश हो पाएगा। उन्होंने मृतक पत्रकार के आश्रितों को आर्थिक मदद और सरकारी नौकरी देने की भी मांग की है।
जर्नलिस्ट काउंसिल ऑफ इंडिया ने भी बताया हमला:
जर्नलिस्ट काउंसिल ऑफ इंडिया गाज़ियाबाद के सदस्य व बीबीटी के संपादक अखलाक अहमद ने 14 जून को इस मामले पर कहा है कि प्रतापगढ़ में पत्रकार सुलभ श्रीवास्तव की हत्या नहीं हुई, बल्कि निष्पक्ष और निर्भीक पत्रकारिता पर हमला हुआ है। इसका कड़े शब्दों में विरोध होना चाहिए। उन्होंने कहा कि हमें इस वारदात की पूरी एकता के साथ विरोध करना चाहिए, तभी सरकार को कलम की ताकत का एहसास होगा।


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