बृजेश श्रीवास्तव / राष्ट्रीय जनमोर्चा
गाजियाबाद। इंदिरापुरम में एचआईजी अभयखण्ड-1 की नाले और क्षे9 में फैली गंदगी की समस्या लगातार बढ़ती जा रही है। स्थानीय लोगों का खुली हवा में सांस लेना मुश्किल हो रहा है, जबकि स्थानीय पार्षद और मेयर से कई बार फरियाद कर चुके हैं। साथ ही जीडीए और नगर निगम में लिखित शिकायत दी जा चुकी हैं। इसके बावजूद जनप्रतिनिधियों, कर्मचारियों और संबंधित अधिकारियों के कानों पर जूं नहीं रेंग रही है। थक-हारकर सोसायटी के लोगों ने चेतावनी दी है कि अगर 26 अप्रैल को होने वाले मतदान से पहले हमारी समस्याओं का समाधान नहीं किया गया तो पूरी सोसाइटी चुनाव में भाजपा का बहिष्कार करेगी।
स्थानीय निवासी एमएस रावत ने बताया कि पिछले पांच साल से नाला गंदगी से भरा पड़ा है। कभी इसकी सफाई नहीं हुई। रोड के किनारे कूड़ा घर बनता जा रहा है। अब तो यहां के लोग भी कूड़ा डालने लगे हैं। रही-सही कसर ठेली लगाने वाले, गन्ने का जूस बेचने वाले और रेहड़ी वाले अपना कूड़ा-कचरा डालकर पूरी कर देते हैं। गंदगी और बदबू से बुरा हाल है। आये दिन लोग बीमार पड़ रहे हैं। आना-जाना दुर्गंध से भरा रहता है।
उल्लेखनीय है कि इंदिरापुरम से सबसे ज़्यादा राजस्व प्राप्त होता है। पर यहाँ की जनता को नगर निगम और जीडीए के बीच फुटबॉल बना दिया गया है। नेता मोदी-योगी सरकार की कमाई खाकर मस्त हैं, जनता त्रस्त है। एमएस रावत ने बताया कि हम सभी लोग भाजपा के वोटर हैं। पर हमें दुःख है कि केंद्र और राज्य में अपनी सरकार होते हुए भी हम नारकीय जीवन जीने को मजबूर हैं।
रावत ने बताया कि पार्षद से लेकर मेयर, विधायक, सांसद प्रत्येक चुनाव में हम सभी ने भाजपा को वोट दिया है पर हमारी परेशानी सुनने वाला आज कोई नहीं है। उन्होंने चेतावनी देते हुए कहा कि यदि 26 अप्रैल को होने वाले मतदान से पहले हमारी समस्याओं का समाधान नहीं किया जाता तो पूरी सोसाइटी चुनाव में भाजपा का बहिष्कार करेगी। साथ ही हम सीनियर सिटीजन अनशन पर बैठेंगे।


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