ऊर्जा के प्रमुख स्तंभ रहे डॉ. टीएस सेतुरत्नम का निधन

राष्ट्रीय जनमोर्चा संवाददाता
दिल्ली। ऊर्जा क्षेत्र में अपनी अलग पहचान बना चुके डॉ. टीएस सेतुरत्नम का 95 वर्ष की उम्र में निधन हो गया। उन्होंने बुधवार 10 जनवरी को अपने पुत्र व बॉम्बे स्टॉक एक्सचेंज के पूर्व चेयरमैन एस. रवि के दिल्ली के साकेत स्थित आवास पर अंतिम सांस ली। वह वृद्धावस्था की कुछ बीमरियों से ग्रसित थे और पिछ्ले कुछ हफ्तों से उनका स्वास्थ्य खराब था।
डॉ. टीएस सेतुरत्नम के अंतिम पलों में उनके साथ उनकी पत्नी शकुंतला सेतुरत्नम, दोनों पुत्र व पुत्र-वधु व उनके तीनों पोते (अभिषेक रवि, अक्षय रवि और चिन्मय वासुदेवन) मौजूद थे। डॉ. सेतुरत्नम 80 के दशक तक काम के प्रति सक्रिय रहे। उन्हें राष्ट्रीय संस्थाओं के निर्माता के रूप में तो जाना ही जाता है, साथ ही उन्हें भारत के ऊर्जा क्षेत्र के प्रमुख स्तंभ के तौर पर भी माना जाता है।
डॉ. सेतुरत्नम मध्य प्रदेश इलेक्ट्रिसिटी बोर्ड व BSES के चेयरमैन रहे। अपने सुनहरे जीवनकाल के दौरान उन्होंने विभिन्न विशेष पदों को संभाला और कई स्थानों पर निदेशक की भूमिका भी निभाई। अपने जीवनकाल के दौरान उन्होंने 70 से ज्यादा बार मध्यस्थता का कार्य किया और साथ ही ऊर्जा क्षेत्र में भी उन्होंने प्रमुख रूप से काम किया है। भारत सरकार द्वारा बनाई गई बहुत सी कमेटियों में वह शामिल थे और डॉ. सेतुरत्नम ऊर्जा क्षेत्र की निजीकरण के लिए बनाई गई पहली कमेटी के भी सदस्य थे। आज संपूर्ण ऊर्जा इंडस्ट्री और पूरे देश द्वारा राष्ट्र निर्माता डॉ. सेतुरत्नम को उनकी विशिष्ट सेवा के लिए श्रद्धांजलि अर्पित कर रहा है।
बॉम्बे स्टॉक एक्सचेंज के पूर्व चेयरमैन एस. रवि के पिता थे डॉ. सेतुरत्नम
डॉ. सेतुरत्नम ‘बॉम्बे स्टॉक एक्सचेंज’ (BSE) के पूर्व चेयरमैन एस. रवि (S Ravi) के पिता थे। एस. रवि देश के जाने-माने चार्टर्ड अकाउंटेंट हैं और साथ ही वह रवि राजन & कंपनी LLP के मैनेजिंग पार्टनर भी हैं। वह 45 से ज्यादा कंपनियों के बोर्ड ऑफ डायरेक्टर्स में भी शामिल हैं, जिनमें LIC, ONGC, BHEL, IDBI बैंक (IDBI Bank) जैसी कई अन्य जानी-मानी कंपनियां शामिल हैं।

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