जितेन्द्र बच्चन / राष्ट्रीय जनमोर्चा ब्यूरो
नयी दिल्ली। बिहार के सीवान जिले के आंदर थाना क्षेत्र के खेड़ाय गांव के निवासी मुकेश श्रीवास्तव की हत्या के 15 दिन बाद भी उनके अनाथ हुए बच्चों को बिहार सरकार की तरफ से कोई राहत नहीं दी गई है। मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने इस मामले में जैसे चुप्पी साध रखी है। भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष पद पर आसीन कायस्थ नेता नितिन नवीन का भी कोई आधिकारिका बयान नहीं आया है। जबकि कायस्थ समाज के कई संगठन पटना से लेकर दिल्ली तक इस मामले को लगातार उठा रहे हैं।
पुलिस अधीक्षक पूरण कुमार झा के अनुसार, पिछले महीने 16 जुलाई को एक विवाद में कुछ अपराधियों ने बीच बचाव करने पहुंचे मुकेश श्रीवास्तव के पेट में गोली मार दी थी। 19 जुलाई को इलाज के दौरान उनकी मौत हो गई। आंदर थाना पुलिस ने इस मामले में 17 जुलाई को एक आरोपी शिव शंकर पंडित और 18 जुलाई को दूसरे आरोपी कन्हैया साह को गिरफ्तार किया था, जबकि तीसरे आरोपित शिवम शर्मा ने न्यायालय में आत्मसमर्पण कर दिया है, बाकी के आरोपित पुलिस गिरफ्त से बाहर हैं।
ऐसे में कातिलों को सजा कब मिलेगी, यह तो पुलिस अदालत ही जाने। लेकिन इस घटना के बाद मुकेश के दो मासूम बच्चे अनाथ हो चुके हैं। दरअसल, मुकेश कुमार श्रीवास्तव ही परिवार के इकलौते सहारा थे। उनकी पत्नी का कुछ वर्ष पूर्व बीमारी से निधन हो गया था, जबकि पिता की चार वर्ष पहले मौत हो चुकी है। घर में मुकेश की एक लाचार बूढ़ी मां और दो मासूम बच्चे (एक छोटा बेटा और एक बेटी) है। इन बच्चों की शिक्षा, आगे की परिवरिश और पूरा भविष्य सब अंधकारमय हो चुका है।
करीब एक सप्ताह पहले कायस्थ संगठनों के एक प्रतिनिधिमंडल ने सीवान के डीएम से मिलकर मुख्यमंत्री के नाम एक ज्ञापन सौंपा था। सरकार से पीड़ित परिवार के लिए आर्थिक सहयता, बच्चों की शिक्षा का खर्चा, हत्या में शामिल सभी आरोपितों की शीघ्र गिरफ्तारी और दोषियों की जल्द से जल्द कठोर से कठोर सजा देने की मांग की है। डीएम विवेक रंजन मैत्रेय ने अपने स्तर से हरसंभव सहायता करने का आश्वासन तो दिया है लेकिन लगता नहीं कि इस मामले में जल्द न्याय मिलेगा।
हैरानी इस बात की है कि खुद को कायस्थों का झंडाबरदार बताने वाले नेता इस मामले से गायब हैं। हां, इस बीच एक राहतभरी खबर यह आई है कि बिरादरी के कुछ नेकदिल लोग जैसे पटना के सीतेश रमन, छपरा के अभिजीत श्रीवास्तव, पूर्णिया के कौशिक बख्शी और अमरेंद्र सिन्हा आदि मुकेश के मासूम बच्चों को आर्थिक सहायता दे रहे हैं।
उधर सोमवार, 3 अगस्त को ‘राष्ट्रीय जनमोर्चा’ से फोन पर पुलिस अधीक्षक पूरण कुमार झा ने बताया कि इस मामले में शामिल अन्य आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए लगातार छापेमारी की जा रही है। घटना के हर पहलू जांच जारी है। कोई भी दोषी ज्यादा दिन नहीं बच पाएगा। हर अपराधी के खिलाफ सख्त से सख्त कानूनी कार्रवाई सुनिश्चित की जाएगी।


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