राष्ट्रीय जनमोर्चा ब्यूरो
नयी दिल्ली। सीबीआई के निदेशक आरके शुक्ला (ऋषि कुमार शुक्ला) का कार्यकाल बुधवार को समाप्त हो गया। उनके स्थान पर गुजरात कैडर के आईपीएस ऑफिसर और सीबीआई के अतिरिक्त निदेशक प्रवीण सिन्हा को केन्द्रीय जांच एजेंसी सीबीआई का कार्यवाहक निदेशक नियुक्त किया गया है। सरकार के अगले आदेश तक सिन्हा सीबीआई के अंतरिम निदेशक बने रहेंगे।
सीबीआई प्रवक्ता आरके गौड ने बताया कि निवर्तमान निदेशक आरके शुक्ला का दो साल का कार्यकाल तीन फरवरी को समाप्त हो गया। मध्य प्रदेश कैडर के आईपीएस अधिकारी आरके शुक्ला जनवरी 2019 में नियुक्त किए गए थे। अगले निदेशक का चुनाव प्रधानमंत्री की अध्यक्षता वाली समिति करेगी। इस समिति में बीएसएफ प्रमुख और गुजरात कैडर के आईपीएस अधिकारी राकेश अस्थाना, एनआईए प्रमुख वाईसी मोदी, सीआईएसएफ के प्रमुख सुबोध जायसवाल और केरल के डीजीपी लोकनाथ बेहरा शामिल हैं।
लेकिन सीबीआई के नए निदेशक को लेकर अब तक फैसला नहीं हो पाया है। सूत्रों के अनुसार सीबीआई डायरेक्टर की रेस में राष्ट्रीय जांच एजेंसी (एनआईए) के चीफ वाईसी मोदी, सीमा सुरक्षा बल (बीएसएफ) के चीफ राकेश अस्थाना, महाराष्ट्र के पूर्व पुलिस चीफ सुबोध कुमार जायसवाल, केरल पुलिस चीफ लोकनाथ बेहुरा और आईटीबीपी के डायरेक्टर जनरल एसएस देसवाल शामिल हैं।
उल्लेखनीय है कि वर्ष 1983 बैच के आईपीएस अधिकारी शुक्ला दो साल का कार्यकाल पूरा कर सेवानिवृत्त हुए हैं। उनके कार्यकाल में लंदन की अदालत में भगोड़े कारोबारी विजय माल्या को भारत को प्रत्यर्पित करने की अनुमति मिली। उन्हीं के कार्यकाल में भारत को इंटरपोल की महासभा की बैठक की मेजबानी मिली जो वर्ष 2022 में होगी और उसी वर्ष भारत अपनी स्वतंत्रता की 75वीं वर्षगांठ मना रहा होगा। आर.के. शुक्ला दर्शनशास्त्र में स्नातकोत्तर हैं। उन्हें 2007 में राष्ट्रपति पुलिस पदक के लिए विशिष्ट सेवा और 1999 में पुलिस पदक के लिए पुलिस पदक से सम्मानित किया गया है।


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