राकेश टिकैत ने यूपी गेट पर स्थापित किया शहीद स्मारक, मेधा पाटेकर व सुनीलम भी रहे मौजूद

जितेन्द्र बच्चन
नई दिल्ली। भारतीय किसान यूनियन ने मंगलवार को यूपी गेट (किसान क्राँति द्वार) पर अस्थाई रूप से एक शहीद स्मारक स्थापित कर दिया। यह निर्माण प्रतीकात्मक है इसकी स्थापना के यूनियन के राष्ट्रीय प्रवक्ता चौधरी राकेश टिकैत के करकमलों द्वारा किया गया। इससे पहले मेधा पाटेकर, कुमार सुनीलम आदि वरिष्ठ किसान नेताओं ने ‘मिट्टी सत्याग्रह यात्रा’ निकाली। किसान महिलाएं देश के करीब-करीब हर राज्य से इस अवसर पर खेतों से मिट्टी ले आई थीं, जिससे अस्थाई शहीद स्मारक स्थापित किया गया।
किसान नेता राकेश टिकैत ने ‘राष्ट्रीय जनमोर्चा’ से बताया कि आंदोलन में यहां शहीद हुए चौधरी गलतान सिंह, सरदार कश्मीर सिंह और नवनीत सिंह की याद में यह स्मारक बनाया गया है। उन्होंने कहा कि दिल्ली के चारों तरफ चल रहे किसान आंदोलन में 320 से ज्यादा किसान और पुलिस के जवान भी अब तक शहीद हो चुके हैं। पुलिस के जवान भी किसानों के ही बच्चे थे, जो इस आंदोलन का हिस्सा थे। यह स्मारक उनकी याद में बनाया गया है। टिकैत ने कहा कि इस सरकार की धूर्ततापूर्ण नीतियों के कारण ही भाई-भाई का आपस में टकराव हुआ। सरकार की साजिश के तहत आपसी टकराव में किसान और पुलिस के जवान शहीद हो गए।
6 अप्रैल को निर्मित शहीद स्मारक के निर्माण में कुछ ऐतिहासिक स्थलों और शहीदों के गाँव से भी मिट्टी लाई गई है। इसमें शहीद भगत सिंह, सुखदेव, राजगुरु, चंद्रशेखर आजाद, रामप्रसाद बिस्मिल, अशफाक उल्ला आदि के ऐतिहासिक स्थल की मिट्टी शामिल है। यह मिट्टी महिलाएं छोटे-बड़े घड़ों में ले आईं और चौधरी राकेश टिकैत को सौंप दी। टिकैत ने कहा कि यह शहीद स्मारक किसान और जवानों की शहादत याद दिलाएगा। हमें अपनी पगड़ी और खेत की सीमा को संभालने की हिदायत देगा। हमारे पूर्वजों के बलिदान और देश को इतिहास के रूप में याद दिलाएगा।
उन्होंने कहा आज हमने प्रतीकात्मक शहीद स्मारक का निर्माण किया है। इसके लिए पास में पड़ी खाली जमीन शासन प्रशासन को चाहिए कि वह उसे लिखित रूप में आवंटित कर दे, अन्यथा हम अपने तरीके से यहां शहीद स्मारक का स्थाई निर्माण करेंगे। साथ ही राष्ट्रीय ध्वज बुलन्द करेंगे। टिकैत ने कहा कि यह आंदोलन अभी आठ-दस महीने और चलेगा। हमें इस संघर्ष के लिए पूरी तरह से तैयार रहना होगा।
मंगलवार को मेघा पाटेकर और कुमार सुनीलम ने भी किसानों को संबोधित किया। उन्होंने सरकार की गलत नीतियों को बताते हुए देश की महिलाओं से एकत्र होकर एक झंडे के नीचे आने का आह्वान किया। वहीं आज के अनशन में यशपाल फौजी, कैलाश, सौरव सिंह, श्याम बहादुर पटेल, रामपाल आदिवासी, जयवीर सिंह, सुरेश चंद्र, चौधरी राजकुमार सिंह, पवन कुमार, धर्मपाल सिंह, राघव सेजवाल शामिल रहे। कार्यक्रम में राजवीर सिंह जादौन, धर्मेन्द्र मलिक, चौधरी राजवीर सिंह, चौधरी विजेंद्र सिंह, अर्जुन, विपिन बालियान आदि भी मौजूद रहे।

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