नई दिल्ली। सुप्रीम कोर्ट ने वरिष्ठ वकील प्रशांत भूषण को वर्तमान चीफ जस्टिस और चार पूर्व चीफ जस्टिस के खिलाफ किए गए ट्वीट को कोर्ट की गंभीर अवमानना करार दिया है। जस्टिस अरुण मिश्रा की अध्यक्षता ने इस मामले पर सजा सुनाने के लिए 20 अगस्त को दलीलें सुनने का आदेश दिया।
अवमानना के मामले में छह महीने तक की कैद की सजा हो सकती है। पिछली 5 अगस्त को कोर्ट ने फैसला सुरक्षित रख लिया था। प्रशांत भूषण की ओर से वरिष्ठ वकील दुष्यंत ने कहा था कि उनके ट्वीट से स्वस्थ आलोचना की गई है और उनकी नीयत कोर्ट का मान गिराना नहीं था। दवे ने कहा था कि प्रशांत भूषण ने जो भी ट्वीट किया है उसे एक सुझाव की तरह लिया जाना चाहिए। यह कोर्ट के प्रति उनका प्यार है और इसमें कुछ भी व्यक्तिगत नहीं है। दवे ने कहा था कि शिकायतकर्ता वकील माहेक माहेश्वरी की शिकायत दोषपूर्ण थी।


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