राष्ट्रीय जनमोर्चा संवाददाता
ग्रेटर नोएडा। हरियाणा हायर एजुकेशन काउंसिल के चेयरमैन व माखनलाल चतुर्वेदी राष्ट्रीय पत्रकारिता विश्वविद्यालय के पूर्व कुलपति प्रोफेसर बृज किशोर कुठियाला ने शोध को परिभाषित करते हुए कहा कि सत्य की खोज करना ही शोध है और शोध का उद्देश्य है सत्य को प्रतिस्थापित करना। शोध, राष्ट्रीय उद्देश्यों की पूर्ति में सहायक होना चाहिए। वह इनोवेशन काउंसिल-आईआईएमटी कॉलेज ऑफ मैनेजमेंट, ग्रेटर नोएडा व डॉ बीआर आंबेडकर सामाजिक विज्ञान विश्वविद्यालय, महू, मध्य प्रदेश के संयुक्त तत्वावधन में आयोजित ऑनलाइन साप्ताहिक फैकल्टी डेवलपमेंट प्रोग्राम के सत्रारंभ कार्यक्रम में बोल रहे थे।
बीज वक्ता के रूप में गुरुकुल कांगड़ी विश्वविद्यालय के कुलपति प्रोफेसर रूप किशोर शास्त्री ने कहा कि शोध एक चुनौतिपूर्ण कार्य है। मौलिक शोध को प्राथमिकता दी जानी चाहिए। डॉ बीआर आंबेडकर सामाजिक विज्ञान विश्वविद्यालय के कार्यवाहक कुलपति डॉ किशोर जान ने अपने वक्तव्य में कहा कि आईसीटी के आने के बाद साहित्य का पुनरावलोकन, आंकड़ों का संचय और आंकड़ों का विश्लेषण काफी आसान हो गया है।
कार्यक्रम का शुभारम्भ दीप प्रज्वलन व सरस्वती वंदना के साथ किया गया। आईआईएमटी ग्रुप ऑफ कॉलेज के प्रबंध निदेशक मयंक अग्रवाल ने स्वागत भाषण कर कार्यक्रम की औपचारिक शुरुआत की। उन्होंने कहा कि स्वविकास सफलता की कुंजी है। शिक्षकों को अपने आपको अपडेट करना होता है। यह फैकेल्टी डेवलपमेंट प्रोग्राम इन उद्देश्यों की पूर्ति करेगा तथा नए अवसर और संभावनाएं उपलब्ध कराएगा।
फैकेल्टी डेवलपमेंट प्रोग्राम के निदेशक डॉ. अनिल निगम ने विषय प्रवर्तन किया। एफडीपी के संयोजक डॉ राम शंकर ने अतिथियों का स्वागत किया। कॉलेज के निदेशक प्रोफेसर राहुल गोयल ने अतिथि वक्ताओं का धन्यवाद दिया। इस ऑनलाइन कार्यक्रम में डॉ बीआर आंबेडकर सा.वि. विश्वविद्यालय की कुलपति प्रो. आशा शुक्ला, कुलसचिव डॉ डीके शर्मा, आईआईएमटी कॉलेज के प्राचार्य डॉ अंशुल शर्मा, प्रोफेसर विभा सिंह, डॉ मनोज गुप्ता, डॉ विनीत उत्पल, डॉ धीरज कुमार, माधुरी कुशवाहा, अनुज सहित दो सौ शिक्षकों व शोध छात्रों ने प्रतिभाग किया। कॉलेज के प्रवक्ता राजतिलक शर्मा ने बताया कि यह साप्ताहिक कार्यक्रम 16 दिसम्बर से शुरू हुआ है जो 22 दिसम्बर तक चलेगा।


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