राष्ट्रीय जनमोर्चा ब्यूरो
चंडीगढ़। हरियाणा के लिए खतरे की घंटी है। महज 24 घंटे के भीतर 45 हजार प्रवासी मजदूरों ने अपने मूल राज्यों में वापसी के लिए आवेदन किया है। सरकार द्वारा शुरू की गई पोर्टल पर जहां लगातार आवेदन मिल रहे है, वहीं हरियाणा सरकार 12 हजार प्रवासी मजदूरों को अब तक उत्तर प्रदेश भेज चुकी हैं। मजदूरों का यह पलायन अगर नहीं रुका तो हरियाणा के उद्योग-धंधे बुरी तरह से प्रभावित होंगे। हरियाणा के गृहमंत्री अनिल विज ने इस पलायन पर चिंता व्यक्त करते हुए श्रमिकों से आग्रह किया है कि वे हरियाणा में ही रुकें।
गृह मंत्रालय के निर्देशानुसार राज्य सरकार ने रविवार को ‘ई-दिशा’ पोर्टल पर उन मजदूरों का पंजीकरण शुरू किया था जो अपने प्रदेश को लौटना चाहते हैं। जिन लोगों ने पंजीकरण करवाया है उनमें से अधिकतर ऐसे हैं जो कई दशकों से हरियाणा में रह रहे हैं और यहां परिवार समेत उनके वोटर कार्ड, राशन कार्ड व आधार कार्ड बन चुके हैं। इसके बावजूद वह अपने मूल राज्यों को जाना चाहते हैं।
सरकार की साइट पर पंजीकरण करवाने वालों में सबसे अधिक संख्या उत्तर प्रदेश के लोगों की है। इसके अलावा बिहार, राजस्थान, तामिलनाडु, झारखंड आदि राज्यों के हैं। पंजीकरण जारी है और इससे पहले हरियाणा सरकार करीब 12 हजार श्रमिकों को उत्तर प्रदेश भेज चुकी है।
हरियाणा के गृहमंत्री ने इस पंजीकरण की पुष्टि करते हुए कहा कि कोरोना के कारण कुछ लोगों में असुरक्षा की भावना आ गई है। जिसके चलते यहां से पलायन करके अपने-अपने घरों में जाना चाहते हैं। सरकार ने प्रवासी श्रमिकों से आग्रह किया है कि वे यहीं रुकें। सरकार सभी प्रबंध करेगी। हरियाणा में जो मेडिकल सुविधाएं हैं, वे उन जगहों पर नहीं हैं, जहां ये लोग जाना चाहते हैं।


Leave a Reply