अमित मिश्रा, मुम्बई
महाराष्ट्र में सरकार बनाने के लिए अब राज्यपाल भगत सिंह कोश्यारी ने शिवसेना को न्योता दिया है। भाजपा द्वारा सरकार बनाने से इनकार करने के बाद राज्यपाल ने राज्य की दूसरी बड़ी पार्टी शिवसेना से सरकार बनाने के बारे में उसकी इच्छा पूछी है। राज्यपाल ने विधायक दल के नेता एकनाथ शिंदे से आज यानी सोमवार शाम 7.30 बजे तक उनकी पार्टी की इच्छा और बहुमत के आंकड़े की जानकारी देने के लिए कहा है। इसी के साथ कांग्रेस और एनसीपी के खेमे में गतिविधियां तेज हो गई हैं।
सूत्रों की मानें तो राज्यपाल के निमंत्रण के बाद एनसीपी प्रमुख शरद पवार ने उद्धव ठाकरे से फोन पर बात की। एनसीपी ने शिवसेना के सामने यह शर्त रखी है कि पहले वह भाजपा से सभी रिश्ते खत्म करे और मोदी सरकार में शामिल उनके मंत्री इस्तीफा दें, तभी सरकार बनाने के लिए समर्थन दिया जाएगा। जबकि कांग्रेस ने अपने पत्ते अभी नहीं खोले हैं। कांग्रेस के महाराष्ट्र प्रभारी मल्लिकार्जुन खडग़े ने कांग्रेस को विपक्ष में बैठने का जनादेश मिलने की बात कहते हुए किसी को समर्थन देने पर अंतिम निर्णय अपने आलाकमान पर छोड़ दिया है।
उधर सोमवार को ही उद्योग और सार्वजनिक उद्यम मंत्री एवं शिवसेना सांसद अरविंद सावंत ने मंत्री पद से इस्तीफा देने का एलान किया है। उन्होंने कहा कि मैं अपने मंत्री पद से इस्तीफा दे रहा हूं। असल में एनसीपी साफ कर चुकी है कि शिवसेना एकसाथ दो गठबंधनों में नहीं रह सकती है। मान जा रहा है कि शायद इसी वजह से सावंत ने इस्तीफे का एलान किया है। वहीं कांग्रेस नेता मल्लिकार्जुन खडग़े ने कहा कि सुबह 10 बजे पार्टी की बैठक है। हम हाईकमान से निर्देश के आधार पर आगे बढ़ेंगे। जनादेश के मुताबिक, हमें विपक्ष में बैठना चाहिए, यही मौजूदा हालात है।
दरअसल, शिवसेना भले ही सरकार बनाने का दम भरे, लेकिन बहुमत उसके पास भी नहीं है। शिवसेना के 56 विधायक हैं, जबकि 8 निर्दलीय विधायकों ने समर्थन दिया है। इस तरह उसके पास 64 विधायकों का समर्थन है। एनसीपी के पास 54 और कांग्रेस के पास 44 विधायक हैं। एनसीपी और शिवसेना की संख्या जोड़ दें तब भी सरकार नहीं बनेगी। दोनों पार्टियों के पास 118 विधायक हो रहे हैं यानी शिवसेना को सरकार बनाने के लिए हर हाल में कांग्रेस का समर्थन चाहिए।


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