राष्ट्रीय जनमोर्चा सम्वाददाता
गाजियाबाद। शम्भू दयाल स्नातकोत्तर महाविद्यालय में शनिवार, 19 अक्टूबर 2019 को हस्तशिल्प एवम अपशिष्ट सामान से निर्मित वस्तुओं की प्रतियोगिता का आयोजन किया गया। सांस्कृतिक समिति की अध्यक्ष डॉ. बिन्दु कर्णवाल के निर्देशन एवम डॉ नीलम गर्ग के प्रोत्साहन से विद्यालय के तीनों संकायो के छात्र-छात्राओं ने प्रतियोगिता में बढ़-चढ़कर हिस्सा लिया।
कार्यक्रम में जज की भूमिका का निर्वहन डॉ उर्विजा शर्मा (हिन्दी विभाग), डॉ एसके अग्रवाल (वाणिज्य विभाग) और अनुराग शर्मा (शिक्षा विभाग) ने बड़ी ही श्रेष्ठता एवम निष्पक्ष तरीके से किया। प्रतियोगिता में कालेज के 43 छात्र-छात्राओं ने भाग लिया। प्रथम पुरस्कार कृष्ण कुमार साहनी बीकॉम. (प्रथम), द्वितीय पुरस्कार अंजली भारती बीएड. (प्रथम वर्ष), तृतीय पुरस्कार मोनिका विक्रम सिंह बीकॉम. (प्रथम), सांत्वना प्रथम पुरस्कार अंशुल गोयल बीएड. (प्रथम वर्ष) और सांत्वना द्वितीय पुरस्कार नेहा बीकॉम. (वाणिज्य) को दिया गया।
प्रतियोगिता कार्यक्रम से छात्र-छात्राएं बहुत खुश नजर आए। प्राचार्य डॉ मंजू गोयल एवम अन्य शिक्षक साथियों की उपस्थिति ने इसे और सराहनीय बना दिया। उन्होंने इस मौके पर कहा कि प्रतियोगिताओं से बच्चों का विकास होता है। उन चीजों के बारे में ज्ञान प्राप्त होता है, जो हम नहीं जानते। खासकर जब कोई सामान या चीज हमारे लिए रद्दी हो जाती है और उसका उपयोग हम नहीं करते। ऐसे में उसी खराब वस्तु से एक नया सृजन कर के हमें बहुत खुशी होती है। तब यह भी पता चलता है कि हस्तशिल्प एवम अपशिष्ट सामान से निर्मित वस्तुओं का हमारे जीवन में कितना महत्व है। इस अवसर पर सांस्कृतिक समिति की सदस्य डॉ. छाया त्यागी, डॉ. नीरजा सिंह और श्रमती गरिमा बंसल का कार्य सराहनीयपूर्ण रहा।


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