डॉ कमलेश भारद्वाज/राष्ट्रीय जनमोर्चा
गाजियाबाद। शंभू दयाल पीजी कॉलेज सभागार में एक ‘विचार गोष्ठी व कवि सम्मेलन’ का आयोजन किया गया। मुख्य अतिथि मंत्री अतुल गर्ग रहे। उन्होंने छात्रों को शिक्षा एवं कठिन परिश्रम के माध्यम से निरंतर आगे बढ़ने का संदेश दिया। जबकि विचार गोष्ठी के मुख्य वक्ता जम्मू-कश्मीर अध्ययन केन्द्र के निदेशक आशुतोष भटनागर ने देश के स्वाधीनता आन्दोलन के अनेक गुमनाम बलिदानियों के बारे में बताया और उनसे जुड़े अनेक महत्वपूर्ण अनछुए पहलुओं से अवगत कराया। इसके बाद लखनऊ के मनुव्रत वाजपेयी ने अपनी देशभक्ति पूर्ण कविता को पढ़ते हुए कवि सम्मेलन की शुरुआत की। उनकी पक्तियां थीं- ‘सीमा पार नहीं करना, हम कफन बांध कर बैठे हैं…।’
कविवर कुशल कुशवाहा, ऐलेश अवस्थी, अमित शर्मा, अनामिका वालिया शर्मा ने राष्ट्र को समर्पित अपनी रचनाओं से युवा श्रोताओं का उत्साह चरम पर पहुंचा दिया। कालेज के ही हिन्दी विभाग की प्रभारी डॉ गीता पाण्डे ने अपनी कविता प्रस्तुत कर सबका ध्यान अपनी ओर खींचा, ‘मैं पहाड़ों से निकलने वाली एक नदी हूं, जिसके साथ बहना चाहते हो तो चलो…।’ उनके गीत ‘प्रेम की पाती जब भी मिली है…’ को भी खूब सराहा गया। कुशल कुशवाहा और आगरा से आये ऐलेश अवस्थी ने युवा श्रोताओं को न केवल अपनी रचनाओं से एक नयी सोच दी, बल्कि हास्य रस में भी खूब भिगोया। वहीं कवियित्री अनामिका वालिया शर्मा ने ‘दिया मां भारती के नाम का दिल में जलाना तुम, वन्देमातरम का जोर से नारा लगाना तुम…’ सुनाकर सभी को मंत्रमुग्ध कर दिया।
उ.प्र.भाषा संस्थान, लखनऊ के अध्यक्ष डॉ राजनारायण शुक्ल ने अपने अध्यक्षीय भाषण में विद्यार्थियों को अपनी भाषा, संस्कृति व अतीत को समझने, गर्व करने व परस्पर सद्भाव के साथ एक जिम्मेदार नागरिक की भूमिका निभाने के लिए अभिप्रेरित किया, जिससे बेहतर कल के लिए आधार तैयार हो सके। डॉ नीलम गर्ग ने अपने काव्यात्मक अंदाज में जिस प्रभावशाली ढंग से पूरे कार्यक्रम का संचालन किया और उपस्थित विद्यार्थियों को बांधे रखा, यह विशेष रूप से उल्लेखनीय रहा। प्राचार्य प्रो. अखिलेश मिश्र की प्रेरणा से विद्यार्थियों के लिए अत्यंत प्रेरणादायक, साहित्य से जोड़ने वाला और विशेषकर युवा पीढ़ी को ऊर्जा देने वाले कार्यक्रम आयोजित करने का डॉ बिन्दु कर्णवाल, अध्यक्ष, सांस्कृतिक समिति द्वारा सफल प्रयास आज के कार्यक्रम के रूप में परिलक्षित हुआ। इस अवसर पर कालेज पत्रिका के संयुक्तांक का भी विमोचन किया गया। वहीं कार्यक्रम का समापन करते हुए प्रो. अखिलेश मिश्र ने गरिमामयी उपस्थिति के लिए मंत्री अतुल गर्ग, मुख्य वक्ता आशुतोष भटनागर आदि को धन्यवाद दिया। साथ ही कार्यक्रम के व्यवस्थित आयोजन एवं प्रभावपूर्ण संचालन के लिए डॉ बिन्दु कर्णवाल व डॉ नीलम गर्ग का आभार जताया।


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