राष्ट्रीय जनमोर्चा संवाददाता
गाजियाबाद। कड़ाके की ठंड में जब कोई घर से बाहर नहीं निकलता तब डॉक्टर अशोक कुमार रात में गरीब, बेसहारा और जरूरतमंदों को गर्म कपड़े बांटते हैं। यह पूण्य कार्य वह बिना किसी दिखावे के और चुपचाप करते हैं। नेकी के कार्य में उन्हें किसी प्रकार का प्रचार अच्छा नहीं लगता। यही कारण है कि आज डॉ अशोक किसी परिचय के मोहताज नहीं हैं। वह देश की प्रतिष्ठित संस्था समाज कल्याण फेडरेशन ऑफ इंडिया के मुख्य राष्ट्रीय निदेशक हैं और लगातार संस्था के सामाजिक कार्यों में हाथ बंटाते आ रहे हैं।
उल्लेखनीय है कि नववर्ष शुरू होते ही उत्तर भारत कड़ाके की ठंड की चपेट में है। पहाड़ी इलाकों में बर्फबारी और मैदानी इलाकों में शीतलहर व कोहरे का भयंकर प्रकोप देखने को मिल रहा है। हर कोई घरों में दुबका हुआ है। गरीब, मजदूर और बेसहारा लोगों की दिक्कत और बढ़ गई है। ऐसे लोगों का सहयोग करना ही समाज कल्याण फेडरेशन ऑफ इंडिया अपना कर्तव्य समझता है। देश के जिन राज्यों में संस्था की इकाई काम कर रही है, वहां लगातार समाज के सहयोग से जरूरतमंदों को इसके सदस्यों द्वारा गर्म कपड़ों का वितरण किया जा रहा है।
संस्था के मुख्य राष्ट्रीय निदेशक डॉ अशोक कुमार ने शासन-प्रशासन से भी अपील की है कि इस समय गरीबों और बेसहारा लोगों के स्वास्थ्य की देखभाल करते हुए उन्हें ठंड से बचाना अति आवश्यक है। हर शहर-नगर में अलाव की व्यवस्था होनी चाहिए। रैन बसेरों में सुविधा दी जाए जिससे रात में कोई सड़क के किनारे या खुले आसमान में सोने को मजबूर न हो। हर जरूरतमंदों को ठंड से बचाना जिला प्रशासन का प्रथम कार्य है। उन्होंने लोगों से भी अपील की है कि वे समाज कल्याण फेडरेशन ऑफ इंडिया के साथ मिलकर इस सामाजिक कार्य में अपनी भागीदारी निभा सकते हैं।


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