राष्ट्रीय जनमोर्चा संवाददाता
गाजियाबाद। ‘बारादरी’ (काव्य कुटुंब) के वार्षिकोत्सव के अवसर पर आयोजित राष्ट्रीय कवि सम्मेलन व मुशायरे में देश भर से जुटे कवियों व शायरों ने खूब दाद बटोरी। कार्यक्रम की अध्यक्षता करते हुए मशहूर शायर प्रो. शहपर रसूल ने बारादरी के आयोजन को साहित्यिक कुंभ बताते हुए कहा कि अब इस शमां की रोशनी पूरी दुनिया में फैलनी चाहिए। लेखक व संपादक हरियश राय ने बारादरी की संस्थापक डॉ माला कपूर ‘गौहर’ की प्रसंशा करते हुए कहा कि उन्होंने इस नगरी को उत्तर प्रदेश की सांस्कृतिक राजधानी बना दिया है। मुंबई, फरीदाबाद, गुरुगांव, लखनऊ और हिमाचल से ही नहीं अन्य दूरदराज से भी लोग बरादरी के आयोजित कार्यक्रमों में खिंचे चले आते हैं।
रविवार को आयोजित कार्यक्रम का शुभारंभ अंजू जैन की सरस्वती वंदना से हुआ। गीतकार गोविंद गुलशन, शायरा डॉ. माला कपूर ‘गौहर’, कवयित्री उर्वशी अग्रवाल’ उर्वी’ व लेखक एवं पत्रकार आलोक यात्री की विभिन्न विधाओं की पुस्तकों का विमोचन किया गया। इस कार्यक्रम का संचालन असलम राशिद ने किया। डॉ. गौहर के गजल संग्रह ‘एहसास के जुगनू’ और ‘तसव्वुर से आगे’ पर प्रसिद्ध शायर शकील जमाली, गोविंद गुलशन की पुस्तक ‘फूल शबनम के’ पर मशहूर शायर मंसूर उस्मानी, आलोक यात्री की पुस्तक ‘हुआ यूं के…’ पर पत्रकार अतुल सिन्हा व उर्वशी अग्रवाल ‘उर्वी’ के कविता संग्रह ‘अंतर्मन की पाती : सुनो ना…’ पर कवयित्री संध्या यादव तथा दोहा संग्रह ‘हंसुली चांद की’ और ‘यादों की कंदील’ पर प्रख्यात शायर विज्ञान व्रत ने विचार व्यक्त किए।
काव्य सत्र की शुरूआत संध्या यादव की कविताओं से हुआ। शायरा अलीना इतरत के कहा ‘ख़िजां की ज़र्द सी रंगत बदल भी सकती है, बहार आने की सूरत निकल भी सकती है। अभी तो चाक पे जारी है रक्स मिट्टी का, अभी कुम्हार की नीयत बदल भी सकती है’। उर्वशी अग्रवाल ‘उर्वी’, डॉ. माला कपूर ‘गौहर’, शायर पवन कुमार, शाहिद अंजुम, असलम राशिद, शकील जमाली, मसूर उस्मानी, शबाना नज़ीर, बारादरी के अध्यक्ष गोविंद गुलशन, प्रो. शहपर रसूल, रहमान मुसव्विर और अनामिका अंबर को श्रोताओं ने देर रात तक बड़े मन से सुना।
कार्यक्रम में श्रीमती संतोष ऑबराय, पवन अग्रवाल, निलाद्री पाल, वी. एस. मनुरकर, प्रेम लता पाठक, डॉ. रेखा अग्रवाल, अर्चना वार्ष्णेय, प्रतिभा सिंह, खुश्बू, डॉ. परिधि, दीवा, मायरा गोयल और मायरा अग्रवाल को सम्मानित किया गया। तन्वी कपूर और राहुल गोयल ने सभी मेहमानों के प्रति आभार जताया। इस मौके पर सुरेंद्र सिंघल, ऋषि कुमार शर्मा, आलोक अविरल, अशोक गुप्ता, स्वति चौधरी, अवधेश श्रीवास्तव, योगेन्द्र दत्त शर्मा, तरुणा मिश्रा, मनु लक्ष्मी मिश्रा, मकरंद प्रताप सिंह, स्मिता सिंह, सुभाष चंदर, शिवराज सिंह, वागीश शर्मा, शकील अहमद, इकरा अंबर, दीपा गर्ग, देवेंद्र देव, देवेंद्र गर्ग, दर्शानंद गौड़, बीना शर्मा व भारत भूषण बरारा सहित बड़ी संख्या में साहित्य प्रेमी मौजूद रहे।


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