जितेन्द्र बच्चन
– 15 मार्च को ट्रेड यूनियन के साथ एन्टी कारपोरेट प्रदर्शन करने का ऐलान
नई दिल्ली। किसान आंदोलन का आज 106वां दिन रहा और तीनों कृषि कानून के विरोध में विरोध प्रदर्शन जारी है। गाजीपुर बॉर्डर पर गुरुवार को 11 लोग अनशन पर बैठे और सरकार से अपना विरोध दर्ज कराया। इस मौके पर भारतीय किसान यूनियन के राष्ट्रीय प्रवक्ता चौधरी राकेश ने 15 मार्च को ट्रेड यूनियन के साथ एन्टी कारपोरेट प्रदर्शन करने का ऐलान किया। साथ ही कहा कि अब डीजल, पेट्रोल और रसोई गैस की बढ़ती कीमतों का भी विरोध किया जाएगा।
किसान नेता राकेश टिकैत ने कहा कि रसोई गैस सिलेंडर की महंगाई के विरोध में हर किसान परिवार की महिलाएं करेंगी। वे अपने घरों के सामने गैस सिलेंडर लटकाकर अपना विरोध दर्ज कराएंगी। उन्होंने घोषणा की है कि 19 मार्च को ‘मंडी बचाओ खेती बचाओ’ आंदोलन किया जाएगा। 23 मार्च को शहीद भगत सिंह शहीदी दिवस मनाया जाएगा। 26 मार्च को किसान आंदोलन के चार महीने पूरे होने पर ‘भारत बंद’ का ऐलान क्या गया है और 28 मार्च को होली के अवसर पर तीनों काले कृषि कानूनों की प्रतियाँ धरनास्थल पर जलाई जाएंगी।
उन्होंने कहा कि अगली लड़ाई रसोई गैस सिलेंडर की होगी। टिकैत ने देश की महिलाओं से अपील की है कि गैस सिलेंडर इतना महंगा हो चुका है कि गांव के हर किसान के परिवार को अब यह मुद्दा बनाना मजबूरी हो गया है।
राष्ट्रीय प्रवक्ता राकेश टिकैत ने पत्रकारों को लेकर भी अपनी बात रखी। उन्होंने आज फिर कुछ ऐसे मीडिया को भी निशाना बनाया जो आंदोलन के खिलाफ खबरें दे रहे हैं। उन्होंने कहा है कि यदि आपको खबरें नहीं दिखानी हैं तो न दखाएं लेकिन जान-बूझकर आप एक साजिश के तहत आंदोलन की बुराईयां करने में कोई कोर कसर नहीं छोड़ रहे हैं, यह गलत है। टिकैत ने कहा कि हम उन लोगों पर भी कार्रवाई करेंगे। उन्होंने उन सभी पत्रकारों का धन्यवाद किया जो शुरू से किसानों की आवाज बुलन्द कर रहे हैं। उन्होंने मीडिया का धन्यवाद किया जो निरंतर आंदोलन को बढ़ाने में सहयोग करते आ रहे हैं।
चौधरी राकेश टिकैत जी ने कहा है कि मैं कल ही राजस्थान और बंगाल के लिए निकलूंगा वहां किसानों की आवाज बुलन्द करेंगे। यह दौरा गैर राजनीतिक है। यह इत्तफाक है कि वहाँ चुनाव हैं। वहाँ के किसानों ने खाप पंचायतों पर विश्वास जताया है। हमें निमंत्रण दिया है।
उन्होंने कहा कि गाजीपुर बॉर्डर से किसान गांव की तरफ कूंच कर रहे हैं, यह खबर महज अफवाह है। यह बिल्कुल सरासर गलत है। किसानों ने तो यहां अपने टेंट गाड़ रखे हैं। कच्ची झोपड़ियां घासफूस की बनाने के साथ-साथ उसके बाउंड्री भी बनाई है और निरंतर किसानों का आवागमन लगा हुआ है। वहीं भारतीय किसान यूनियन के राष्ट्रीय प्रेस प्रभारी शमशेर राणा ने ‘राष्ट्रीय जनमोर्चा’ से बताया कि जो लोग 11 मार्च के अनशन में शामिल थे, उनमें हरभजन सिंह उधम सिंह नगर उत्तराखंड, लखबीर सिंह शाहजहांपुर, सुखदेव सिंह शाहजहांपुर, जगतार सिंह शाहजहांपुर, गुरदीप सिंह रामपुर, कुलवंत सिंह रामपुर, प्रेम सिंह शाहजहांपुर, कुलवंत सिंह उधम सिंह नगर, बख्शीश सिंह रामपुर, रविंद्र सिंह शाहजहांपुर और दिशा सिंह पीलीभीत शामिल रहे।


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