
राष्ट्रीय जनमोर्चा ब्यूरो
नई दिल्ली। चीन के राष्ट्रपति शी चिनफिंग अपने कई अहम अधिकारियों के साथ 11 अक्टूबर की दोपहर चेन्नई के पास मामल्लापुरम पहुंचेंगे। पीएम मोदी के साथ उनकी मुलाकात होगी। इस मुलाकात से ही अनौपचारिक वार्ता का दौर शुरू हो जाएगा जो अगले दिन दोपहर तक कई दौर में और कई घंटे चलेगा।
चिनफिंग के साथ पोलित ब्यूरो के कुछ बड़े अधिकारी, चीन के विदेश मंत्री वांग यी और उनके राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार भी होंगे। इस तरह से मामल्लापुरम में होने वाली अनौपचारिक वार्ता वुहान (चीन) में हुई वार्ता से काफी अलग होगी।
प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी और चीन के राष्ट्रपति शी चिनफिंग के बीच मुलाकात से ठीक पहले कश्मीर का पेंच फंसता दिखाई दे रहा है। भारत आने से पहले चिनफिंग की पाकिस्तान के पीएम इमरान खान से मुलाकात फिर उसमें कश्मीर पर चुभने वाला बयान और उस पर भारतीय विदेश मंत्रालय की तल्ख प्रतिक्रिया से साबित हो रहा है कि माहौल पूरी तरह सामान्य नहीं है। वैसे मोदी और चिनफिंग इससे भी ज्यादा तनाव वाले माहौल (डोकलाम) में मुलाकात कर रिश्तों में भरोसा भरने का काम कर चुके हैं।
फिलहाल, दोनो देशों के विदेश मंत्रालयों ने मोदी-चिनफिंग के बीच होने वाली इस बहुप्रतीक्षित मुलाकात के तकरीबन दो दिन पहले इससे जुड़े संशय को समाप्त करते हुए आधिकारिक घोषणा की है। भारतीय विदेश मंत्रालय और नई दिल्ली में चीन के राजदूत ने कुछ ही मिनटों के अंतराल पर भावी यात्रा का ब्यौरा दिया।


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