राष्ट्रीय जनमोर्चा संवाददाता
गाजियाबाद। अहमदाबाद से लंदन जा रही एयर इंडिया की उड़ान में हुई दुर्घटना में 266 यात्रियों की मौत हो गई। मृतकों में गुजरात के पूर्व मुख्यमंत्री विजय रूपाणी और कुछ मेडिकल छात्र भी शामिल थे। शुक्रवार को भारत सरकार द्वारा मान्यता प्राप्त स्वेच्छिक संगठन ‘समाज कल्याण फेडरेशन ऑफ इंडिया’ (SKFI) ने एक शोक सभा का आयोजन किया। उपस्थित लोगों ने दो मिनट का मौन रखकर दिवंगत आत्माओं को श्रद्धांजलि अर्पित की और घायलों के शीघ्र स्वस्थ होने की ईश्वर से प्रार्थना की है।
एसकेएफआई के राष्ट्रीय अध्यक्ष व वरिष्ठ पत्रकार जितेन्द्र बच्चन ने नम आंखों से श्रद्धांजलि अर्पित करते हुए कहा, “अहमदाबाद विमान हादसा अत्यंत पीड़ादायक व हृदय विदारक है। इस हादसे ने पूरे देश को शोक संतप्त कर दिया है। हम सभी स्तब्ध व दुखी हैं। यात्रियों, पायलटों एवं क्रू मेंबरों की दुर्भाग्यपूर्ण मृत्यु पर हम गहरा शोक व्यक्त करते हैं।”
उन्होंने हादसे में कुछ मेडिकल छात्रों की हुई मृत्यु पर भी गहरी संवेदना प्रकट करते हुए कहा कि हम इस कठिन समय में शोकाकुल परिवारों के साथ हैं और उनकी पीड़ा को अपनी पीड़ा मानते हैं। यह दुर्घटना पूरे देश के लिए एक गहरी क्षति है।
उल्लेखनीय है कि गुरुवार को गुजरात के अहमदाबाद से लंदन जा रहा एअर इंडिया का विमान उड़ान भरते ही एक भयावह हादसे में दुर्घटनाग्रस्त हो गया और डॉक्टरों के छात्रावास व नर्सिंग स्टाफ के आवासीय परिसर से टकरा गया था। इस हादसे में कुल 266 लोगों की मौत हो गई। विमान में चालक दल समेत 242 लोग सवार थे, जिनमें से 241 लोगों की मौत हो चुकी है। बाकी के 25 मृतकों में आवासीय परिसर के लोग शामिल हैं। एक यात्री विमान से कूद जाने के कारण बचा है और उसे अन्य घायलों के साथ अस्पताल में दाखिल कराया गया है।
समाज कल्याण फेडरेशन ऑफ इंडिया ने तीन दिन तक के अपने सभी कार्यक्रम रद्द कर दिए हैं। संगठन के राष्ट्रीय संयोजक सुधीर श्रीवास्तव ने यह जानकारी देते हुए शोक संतप्त परिवारों के प्रति संवेदना जताई है। उन्होंने कहा कि यह समय पीड़ित परिवारों के साथ खड़े होने का है और विमान हादसे में जान गंवाने वाले सभी लोगों को श्रद्धांजलि अर्पित की है।
शोकसभा में SKFI के महानिदेशक डॉ. अशोक कुमार भी मौजूद रहे। उनके अलावा अजय भटनागर, सूर्यपाल शर्मा, कल्पना सिंह, अनुरंजन वर्मा, गुरप्रीत सिंह आदि उपस्थित थे। इन सभी सदस्यों ने सरकार से मांग की है कि अहमदाबाद हादसे में जो भी तकनीकी समस्या रही हो, उसकी जांच की जानी चाहिए। जिससे भविष्य में दोबारा इस तरह की घटना की पुनरावृत्ति न हो।

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