नई दिल्ली। चक्रवात अम्फन से पश्चिम बंगाल में हुई भारी तबाही को लेकर प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने कहा है कि शीर्ष अधिकारी स्थिति की बारीकी से निगरानी कर रहे हैं। पश्चिम बंगाल सरकार के साथ निकट समन्वय में भी काम कर रहे हैं। प्रभावितों की मदद करने में कोई कसर नहीं छोड़ी जाएगी।
प्रधानमंत्री मोदी ने यह भी कहा है कि चक्रवात के कारण पश्चिम बंगाल में हुई तबाही का दृश्य उन्होंने देखा है। इस चुनौतीपूर्ण समय में, पूरा देश पश्चिम बंगाल के साथ एकजुटता से खड़ा है। राज्य के लोगों की भलाई के लिए भगवान से प्रार्थना है। सामान्य स्थिति सुनिश्चित करने के प्रयास जारी हैं।
गृह मंत्री अमित शाह ने भी कहा है कि पीएम नरेन्द्र मोदी की सरकार हर नागरिक की सुरक्षा के लिए प्रतिबद्ध है। एनडीआरएफ की टीमें पहले से ही लोगों की मदद के लिए वहां मौजूद हैं। मैं पश्चिम बंगाल और ओडिशा के लोगों से आग्रह करता हूं कि वे घर में रहें और निर्देशों का पालन करें। इससे पहले अमित शाह ने कहा था, ‘चक्रवात अम्फन पर करीब से नजर बनाए हुए हैं और संबंधित अधिकारियों के साथ लगातार संपर्क में हैं। मैंने ओडिशा के मुख्यमंत्री नवीन पटनायक और पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी से भी बात की है और चक्रवात के कारण उत्पन्न स्थिति पर और केंद्र से हर संभव मदद का आश्वासन दिया।
उल्लेखनीय है कि पश्चिम बंगाल में चक्रवात के कारण भारी तबाही हुई है। बंगाल में 12 लोगों की मौत भी हो गई है। कई जगहों पर पेड़ उखड़ गए और भारी बारिश की वजह से कुछ जगहों पर जल भराव की स्थिति पैदा हो गई है। कोलकाता एयरपोर्ट का एक हिस्सा भी डूब गया है। चक्रवात अम्फन बुधवार की दोपहर में करीब ढाई बजे पश्चिम बंगाल में दीघा और बांग्लादेश में हटिया द्वीप के बीच तट पर पहुंचा। चक्रवात के कारण तटीय क्षेत्रों में भारी तबाही हुई है। बड़ी संख्या में पेड़ और बिजली के खंभे उखड़ गए हैं और कच्चे मकानों को भी बहुत ज्यादा नुकसान पहुंचा है।


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